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ग्वालियर में बदलते मौसम के साथ बढ़े बुखार के मरीज, 625 में से 162 में तेज बुखार और हाथ-पैरों में दर्द की शिकायत

ग्वालियर में बदलते मौसम के साथ बढ़े बुखार के मरीज, 625 में से 162 में तेज बुखार और हाथ-पैरों में दर्द की शिकायत

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मौसम में बदलाव के बीच बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्पतालों में ऐसे मरीज सामने आ रहे हैं, जिनमें तेज बुखार के साथ हाथ-पैरों में दर्द और प्लेटलेट्स कम होने की समस्या देखी जा रही है। मुरार जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग में अक्टूबर महीने के दौरान भर्ती हुए 625 मरीजों में से 162 मरीजों को तेज बुखार और हाथ-पैरों में दर्द की शिकायत थी। इन मरीजों में प्लेटलेट्स कम होने के मामले भी सामने आए हैं।

अस्पताल में भर्ती मरीजों के आंकड़े बदलते मौसम के दौरान स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों की ओर इशारा कर रहे हैं। बुखार के साथ शरीर में दर्द और प्लेटलेट्स में गिरावट होने पर मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ रही है। ऐसे लक्षणों को देखते हुए समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

अक्टूबर में 625 मरीज हुए भर्ती

मुरार जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग में अक्टूबर महीने में कुल 625 मरीज भर्ती हुए। इनमें से 162 मरीज तेज बुखार और हाथ-पैरों में दर्द की शिकायत लेकर पहुंचे थे। इस तरह भर्ती मरीजों में एक बड़ी संख्या ऐसे लोगों की रही, जिन्हें बुखार के साथ शरीर में दर्द की परेशानी थी।

डॉक्टरों के अनुसार, तेज बुखार के साथ प्लेटलेट्स कम होने की स्थिति को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि, प्लेटलेट्स में कमी होने का मतलब हर बार डेंगू होना नहीं है। इसके पीछे संक्रमण और दूसरी स्वास्थ्य संबंधी स्थितियां भी हो सकती हैं। सही कारण का पता लगाने के लिए जांच जरूरी होती है।

बुखार के साथ शरीर में दर्द को न करें नजरअंदाज

बदलते मौसम में वायरल संक्रमण सहित कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, कमजोरी और हाथ-पैरों में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देने पर मरीज को डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। यदि प्लेटलेट्स कम होने की जानकारी मिलती है तो चिकित्सक की सलाह के अनुसार जरूरी जांच और निगरानी करानी चाहिए।

खासकर नाक या मसूड़ों से खून आना, त्वचा पर लाल निशान पड़ना, लगातार उल्टी, तेज पेट दर्द या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।

मरीज खुद से दवाएं लेने से बचें

डॉक्टरों की सलाह है कि बुखार होने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाएं नहीं लेनी चाहिए। पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लेना, आराम करना और समय पर जांच कराना जरूरी है। प्लेटलेट्स कम होने की स्थिति में मरीज की हालत और जांच रिपोर्ट के आधार पर उपचार तय किया जाता है।

मुरार जिला अस्पताल में अक्टूबर के दौरान सामने आए आंकड़े बताते हैं कि तेज बुखार और शरीर में दर्द की शिकायत वाले मरीजों की संख्या पर ध्यान देने की जरूरत है। हालांकि, इन 162 मरीजों में कितने लोगों में प्लेटलेट्स की कितनी कमी थी और कितने मरीजों में किसी विशेष संक्रमण की पुष्टि हुई, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए सभी मरीजों को एक ही बीमारी से जोड़कर देखना सही नहीं होगा।

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