Samachar Nama
×

मास्टर प्लान के विरोध में आज भोपाल आएंगे किसान, 66 गांवों की खेती पर संकट का दावा; जमीन बचाने निकालेंगे पदयात्रा

मास्टर प्लान के विरोध में आज भोपाल आएंगे किसान, 66 गांवों की खेती पर संकट का दावा; जमीन बचाने निकालेंगे पदयात्रा

मास्टर प्लान के ड्राफ्ट को लेकर किसानों का विरोध तेज होता नजर आ रहा है। प्रस्तावित योजना से 66 गांवों की खेती प्रभावित होने की आशंका जताते हुए किसान अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए आज भोपाल पहुंचेंगे। किसान अपनी जमीन बचाने की मांग को लेकर पदयात्रा भी निकालेंगे। उनका कहना है कि मास्टर प्लान के प्रावधानों से कृषि भूमि और खेती-किसानी पर असर पड़ सकता है।

मास्टर प्लान के ड्राफ्ट पर किसानों की आपत्ति

मास्टर प्लान के प्रस्तावित ड्राफ्ट को लेकर किसानों के बीच चिंता बनी हुई है। किसानों का दावा है कि योजना के लागू होने से 66 गांवों की कृषि भूमि प्रभावित हो सकती है। इसी आशंका के चलते किसान अपनी आपत्तियां संबंधित अधिकारियों के सामने दर्ज कराने की तैयारी में हैं।

किसानों का कहना है कि खेती उनकी आजीविका का प्रमुख आधार है। ऐसे में कृषि भूमि से जुड़े किसी भी प्रस्ताव पर निर्णय लेने से पहले किसानों की समस्याओं और आपत्तियों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

जमीन बचाने के लिए निकालेंगे पदयात्रा

मास्टर प्लान के विरोध में किसान जमीन बचाने की मांग को लेकर पदयात्रा निकालेंगे। इस पहल के जरिए वे अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाने और प्रस्तावित योजना को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखने की कोशिश करेंगे।

किसानों की मांग है कि मास्टर प्लान के ड्राफ्ट में कृषि भूमि पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की समीक्षा की जाए। साथ ही, प्रभावित होने की आशंका वाले गांवों के किसानों की आपत्तियों को सुनकर उचित निर्णय लिया जाए।

आज भोपाल में दर्ज कराएंगे आपत्तियां

किसान आज भोपाल पहुंचकर मास्टर प्लान के ड्राफ्ट पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराने की तैयारी में हैं। इस दौरान उनका मुख्य मुद्दा कृषि भूमि को संभावित नुकसान से बचाना रहेगा।

आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया किसानों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके माध्यम से वे प्रस्तावित योजना के उन प्रावधानों पर अपनी बात रख सकते हैं, जिन्हें वे खेती और जमीन के हितों के प्रतिकूल मानते हैं।

66 गांवों की खेती पर असर की आशंका

मास्टर प्लान को लेकर किसानों की सबसे बड़ी चिंता 66 गांवों की कृषि भूमि पर संभावित असर को लेकर है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन गांवों के नाम, प्रभावित होने वाली जमीन का कुल रकबा और ड्राफ्ट में प्रस्तावित भूमि उपयोग के विस्तृत प्रावधानों का उल्लेख नहीं है।

फिलहाल किसान अपनी जमीन बचाने और मास्टर प्लान के ड्राफ्ट पर आपत्तियां दर्ज कराने की तैयारी में हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित प्रशासन किसानों की आपत्तियों पर किस तरह विचार करता है और प्रस्तावित योजना में उनकी चिंताओं को किस हद तक शामिल किया जाता है।

Share this story

Tags