यूरिया के लिए तीन दिन से भटक रहे किसानों का फूटा गुस्सा, बैरिकेड और बाइकें सड़क पर रखकर लगाया जाम
यूरिया खाद की किल्लत से परेशान किसानों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा। तीन दिनों से यूरिया के लिए अलग-अलग जगहों पर भटक रहे किसानों ने सड़क पर बैरिकेड और अपनी बाइकें खड़ी कर रास्ता रोक दिया। इसके चलते सड़क पर यातायात बाधित हो गया और कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई।
किसानों का कहना है कि वे लगातार तीन दिनों से यूरिया खाद लेने के लिए परेशान हो रहे हैं। खाद की जरूरत होने के बावजूद उन्हें पर्याप्त मात्रा में यूरिया नहीं मिल पा रहा है। कई किसान सुबह से ही खाद केंद्रों और दुकानों के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। लगातार परेशानी के बाद किसानों ने विरोध का रास्ता अपनाया।
सड़क पर बैरिकेड और बाइकें रखकर जताया विरोध
गुस्साए किसानों ने सड़क पर बैरिकेड और अपनी बाइकें खड़ी कर दीं। इसके बाद सड़क से वाहनों की आवाजाही रुक गई। देखते ही देखते दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। किसानों ने मौके पर अपनी समस्या बताते हुए यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की।
किसानों का कहना है कि खेती के मौजूदा समय में यूरिया की बेहद जरूरत है। समय पर खाद नहीं मिलने से फसलों पर असर पड़ने की चिंता किसानों को सता रही है। उनका आरोप है कि खाद के लिए उन्हें घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है और इसके बावजूद पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध नहीं हो रहा।
तीन दिन से खाद के लिए परेशान
किसानों के मुताबिक वे पिछले तीन दिनों से यूरिया लेने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। खाद केंद्रों पर भीड़ और सीमित उपलब्धता के कारण कई किसानों को खाद नहीं मिल पाई। कुछ किसानों ने कहा कि उन्हें बार-बार लौटना पड़ रहा है, जिससे समय और पैसा दोनों खर्च हो रहे हैं।
किसानों ने प्रशासन से मांग की कि यूरिया की पर्याप्त आपूर्ति कराई जाए और वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित किया जाए। उनका कहना है कि यदि खाद की उपलब्धता बढ़ाई जाती है तो किसानों को सड़क पर उतरकर विरोध नहीं करना पड़ेगा।
प्रशासन से जल्द समाधान की मांग
सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों द्वारा किसानों से बातचीत कर रास्ता खुलवाने का प्रयास किया गया। अधिकारियों ने किसानों की समस्या सुनकर खाद की उपलब्धता को लेकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।
किसानों का कहना है कि उन्हें आश्वासन के बजाय तत्काल यूरिया उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उनका कहना है कि खेती का काम प्रभावित हो रहा है और यदि समय पर खाद नहीं मिली तो इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ सकता है।
फिलहाल किसानों के विरोध के बाद प्रशासन के सामने यूरिया की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को सुचारु करने की चुनौती है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर हो सकते हैं।

