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भोपाल में दूसरे दिन भी डटे किसान: मूंग खरीदी और ई-टोकन सिस्टम को लेकर आंदोलन तेज, फुटेज में देंखे CM हाउस कूच की तैयारी

भोपाल में दूसरे दिन भी डटे किसान: मूंग खरीदी और ई-टोकन सिस्टम को लेकर आंदोलन तेज, फुटेज में देंखे CM हाउस कूच की तैयारी

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मूंग खरीदी, ई-टोकन व्यवस्था और अन्य कृषि संबंधी मांगों को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार दूसरे दिन भी जारी है। बड़ी संख्या में किसान प्रदर्शन स्थल पर डटे हुए हैं और मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने की तैयारी कर रहे हैं। आंदोलन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और कई प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर यातायात को डायवर्ट किया गया है।

प्रदर्शन के कारण होशंगाबाद रोड सहित आसपास के इलाकों में लंबा जाम लग गया है। रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, कई रास्ते बंद

किसानों के संभावित मुख्यमंत्री आवास कूच को देखते हुए पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है। प्रदर्शन स्थल के आसपास बैरिकेडिंग कर कई प्रमुख रास्तों को बंद कर दिया गया है। पुलिस और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।

स्कूलों की छुट्टी घोषित

आंदोलन के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होने और सुरक्षा कारणों को देखते हुए भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने नर्मदापुरम रोड स्थित सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि छात्रों और अभिभावकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

प्रदर्शन स्थल पर ही गुजर रही किसानों की दिनचर्या

आंदोलन स्थल पर किसानों ने अस्थायी डेरा डाल रखा है। रातभर धरने पर बैठे कई किसान सुबह जहां जगह मिली, वहीं आराम करते दिखाई दिए। वहीं कुछ किसान खुले आसमान के नीचे भोजन तैयार करने में जुटे रहे। दोपहर के खाने के लिए दाल-बाटी बनाई गई, जिसमें बड़ी संख्या में आंदोलनकारी किसानों ने हिस्सा लिया।किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उनका दावा है कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और वे अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं।

नेताओं को दिया खुला न्योता

प्रदर्शनकारी किसानों ने विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और जनप्रतिनिधियों को आंदोलन स्थल पर आने का निमंत्रण दिया है। किसानों ने कहा कि नेता धरना स्थल पर आकर उनके साथ बैठें, भोजन करें और उनकी समस्याओं को समझें। उनका मानना है कि खेत-खलिहान से जुड़े मुद्दों का समाधान केवल संवाद से ही संभव है।

महिलाओं की भी सक्रिय भागीदारी

इस आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। बड़ी संख्या में महिला किसान और ग्रामीण महिलाएं धरना स्थल पर पहुंचीं। वे पोस्टरों पर नारे लिखती और किसानों की मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करती नजर आईं। महिलाओं ने कहा कि खेती-किसानी से पूरे परिवार की आजीविका जुड़ी है, इसलिए वे भी इस आंदोलन का हिस्सा बनी हैं।

मांगों पर सरकार के रुख का इंतजार

किसानों की प्रमुख मांगों में मूंग की सुचारु सरकारी खरीदी, ई-टोकन प्रणाली में सुधार और अन्य कृषि संबंधी समस्याओं का समाधान शामिल है। फिलहाल प्रशासन और किसान संगठनों के बीच स्थिति पर नजर बनी हुई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार किसानों की मांगों पर क्या फैसला लेती है और आंदोलन का आगे क्या स्वरूप रहता है।

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