राजगढ़ के सुठालिया में किसानों का धरना, सिंचाई परियोजना प्रभावितों ने मांगा चार गुना मुआवजा
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के सुठालिया में सिंचाई परियोजना से प्रभावित किसानों ने अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू किया। किसानों ने भूमि अधिग्रहण के बदले मिलने वाले मुआवजे को लेकर नाराजगी जताई और वर्तमान दर के मुकाबले चार गुना मुआवजा देने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि परियोजना के कारण उनकी जमीन और आजीविका प्रभावित हो रही है, ऐसे में उन्हें उचित और न्यायसंगत मुआवजा मिलना चाहिए।
किसानों के धरने के चलते स्थानीय स्तर पर प्रशासन और परियोजना से जुड़े अधिकारियों का ध्यान इस मामले की ओर गया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी जमीन सिंचाई परियोजना के लिए अधिग्रहित की जा रही है। जमीन के अधिग्रहण के बाद उनके सामने खेती और परिवार की आजीविका से जुड़ी कई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
धरना दे रहे किसानों की प्रमुख मांग चार गुना मुआवजे की है। किसानों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण के एवज में मिलने वाली राशि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए पर्याप्त नहीं है। जमीन उनके लिए केवल संपत्ति नहीं बल्कि आय और भविष्य की सुरक्षा का प्रमुख साधन है। इसलिए अधिग्रहण से पहले उचित मुआवजा और प्रभावित परिवारों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
किसानों ने प्रशासन से मांग की कि परियोजना से प्रभावित सभी परिवारों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए। उनका कहना है कि मुआवजा तय करने के दौरान जमीन की वास्तविक कीमत, खेती से होने वाली आय और भविष्य में होने वाले नुकसान को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि जब तक उनकी मांगों पर उचित तरीके से विचार नहीं किया जाता, तब तक वे अपनी आवाज उठाते रहेंगे। किसानों का कहना है कि वे विकास और सिंचाई परियोजना के विरोध में नहीं हैं, लेकिन परियोजना की कीमत प्रभावित किसानों को असमान रूप से नहीं चुकानी चाहिए।
सुठालिया क्षेत्र में किसानों के धरने के बाद अब प्रशासन के सामने प्रभावित किसानों की मांगों के समाधान की चुनौती है। किसानों ने अधिकारियों से बातचीत कर मामले का समाधान निकालने की अपील की है। वहीं, ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और मुआवजे को लेकर होने वाले निर्णय पर टिकी हुई है।
किसानों का कहना है कि उचित मुआवजा मिलने से प्रभावित परिवारों को अपनी जमीन के नुकसान की भरपाई करने और भविष्य की आर्थिक व्यवस्था संभालने में मदद मिलेगी। चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर शुरू हुआ यह धरना अब क्षेत्र में किसानों के प्रमुख मुद्दों में शामिल हो गया है।

