जमीन अधिग्रहण के विरोध में किसानों का भोपाल कूच: पुलिस ने रोका, वाटर कैनन का इस्तेमाल; ट्रैक्टर लेकर निकले थे किसान
मध्य प्रदेश में जमीन अधिग्रहण के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों को पुलिस ने भोपाल जाने से रोक दिया। अपनी मांगों को लेकर किसान ट्रैक्टर लेकर राजधानी की ओर कूच कर रहे थे, लेकिन रास्ते में पुलिस बल तैनात कर उन्हें रोक दिया गया। इस दौरान स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
किसानों का कहना है कि उनकी जमीनों के अधिग्रहण को लेकर सरकार को उनकी समस्याएं सुननी चाहिए और उचित समाधान निकालना चाहिए। वहीं, प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी।
ट्रैक्टर लेकर भोपाल के लिए निकले किसान
जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ भोपाल कूच के लिए निकले थे। किसान जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं और अपनी मांगों को लेकर सरकार तक अपनी बात पहुंचाना चाहते थे।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने रास्तों पर बैरिकेडिंग की थी। जैसे ही किसानों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया, पुलिस और किसानों के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन चलाया
किसानों और पुलिस के बीच बढ़ते विवाद को देखते हुए पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की बौछार से प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने की कोशिश की गई।
घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों ने किसानों से शांति बनाए रखने और प्रशासन से बातचीत करने की अपील की।
किसानों ने उठाई जमीन अधिग्रहण की मांग
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण से उनकी आजीविका प्रभावित होगी। उन्होंने सरकार से मांग की है कि किसानों की सहमति और उचित मुआवजे के बिना कोई कार्रवाई नहीं की जाए।
किसानों ने आरोप लगाया कि उनकी समस्याओं को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है, इसलिए उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
प्रशासन ने संभाली स्थिति
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
फिलहाल इलाके में पुलिस बल तैनात है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

