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खंडवा में किसानों का हंगामा, एक घंटे तक रोकी सोयाबीन की नीलामी; 1800 वाहन की आवक से 800 रुपए प्रति क्विंटल गिरा भाव

खंडवा में किसानों का हंगामा, एक घंटे तक रोकी सोयाबीन की नीलामी; 1800 वाहन की आवक से 800 रुपए प्रति क्विंटल गिरा भाव

मध्य प्रदेश के खंडवा में सोयाबीन के दाम में भारी गिरावट से नाराज किसानों ने मंडी में हंगामा कर दिया। किसानों ने विरोध जताते हुए करीब एक घंटे तक नीलामी रुकवा दी। किसानों का कहना है कि मंडी में सोयाबीन की भारी आवक होने के बाद भाव में अचानक गिरावट आ गई, जिससे उन्हें अपनी उपज का उचित दाम नहीं मिल पा रहा है। बताया जा रहा है कि मंडी में करीब 1800 वाहन सोयाबीन लेकर पहुंचे थे। इतनी बड़ी आवक के बीच सोयाबीन के भाव में लगभग 800 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट दर्ज की गई।

1800 वाहन सोयाबीन पहुंचने से बिगड़ा बाजार का गणित

खंडवा मंडी में सोयाबीन की आवक बढ़ने से किसानों की परेशानी बढ़ गई। बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचे थे। करीब 1800 वाहनों में सोयाबीन आने के कारण खरीद-बिक्री के दौरान भाव में गिरावट देखने को मिली। किसानों के मुताबिक, कीमतों में आई इस गिरावट से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

किसानों का कहना है कि सोयाबीन की खेती में बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और मजदूरी पर काफी खर्च होता है। ऐसे में जब मंडी में फसल बेचने का समय आता है, तब कम भाव मिलने से उनकी लागत निकालना भी मुश्किल हो जाता है। किसानों ने मांग की कि सोयाबीन की खरीद उचित कीमत पर की जाए, ताकि उन्हें अपनी मेहनत का सही मूल्य मिल सके।

एक घंटे तक नीलामी रोककर जताया विरोध

भाव में गिरावट से नाराज किसानों ने मंडी परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और नीलामी प्रक्रिया रोक दी। करीब एक घंटे तक नीलामी प्रभावित रहने से मंडी में खरीद-बिक्री का काम बाधित हुआ। इस दौरान किसानों ने अपनी समस्याएं सामने रखते हुए सोयाबीन के दाम में सुधार की मांग की।

किसानों का कहना था कि एक ओर खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर मंडी में उपज के भाव में गिरावट उनकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर रही है। किसानों ने मांग की कि उनकी फसल की खरीद पारदर्शी तरीके से हो और उन्हें उचित दाम दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

किसानों को लागत निकालने की चिंता

सोयाबीन मध्य प्रदेश की प्रमुख खरीफ फसलों में शामिल है। खंडवा और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किसान इसकी खेती करते हैं। ऐसे में मंडी में भाव में होने वाला बदलाव सीधे किसानों की आमदनी पर असर डालता है।

किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि कम कीमत पर फसल बेचने से उनकी लागत और घरेलू खर्चों का प्रबंधन मुश्किल हो सकता है। वहीं, मंडी में अधिक आवक होने पर खरीदारों की ओर से मिलने वाले भाव पर भी दबाव पड़ सकता है।

फिलहाल, खंडवा मंडी में किसानों के विरोध और नीलामी रोके जाने की घटना ने सोयाबीन के दाम को लेकर चिंता बढ़ा दी है। किसानों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर ध्यान दिया जाएगा और उन्हें उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा। हालांकि, 800 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट किन भावों की तुलना में आई और विरोध के बाद नीलामी किस कीमत पर दोबारा शुरू हुई, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।

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