पीथमपुर की मित्तल कंपनी में तेज धमाका, नाइट्रोजन गैस रिसीवर टैंक का निचला हिस्सा फटा
मध्य प्रदेश के धार जिले के पीथमपुर से मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा सामने आया। सेक्टर-3 स्थित इंडोरामा क्षेत्र की मित्तल कंपनी में सुबह करीब 11 बजे अचानक तेज धमाका हुआ। धमाका कंपनी में लगे नाइट्रोजन गैस के रिसीवर टैंक के निचले हिस्से में हुआ, जिसके फटने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के क्षेत्र में भी इसकी गूंज सुनाई दी।
घटना के समय कंपनी में कर्मचारी काम कर रहे थे। अचानक हुए धमाके के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। कर्मचारी घबराकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। घटना की सूचना मिलते ही कंपनी प्रबंधन ने स्थिति को संभालने की कोशिश शुरू की और संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी गई।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, कंपनी में नाइट्रोजन गैस को रिसीव करने के लिए लगाए गए टैंक का निचला हिस्सा अचानक फट गया। टैंक में तकनीकी खराबी या किसी अन्य कारण से दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, धमाका किस वजह से हुआ, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कंपनी परिसर में कर्मचारियों की गतिविधियों को नियंत्रित किया गया। आसपास के लोगों में भी तेज आवाज के कारण दहशत फैल गई। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण घटना को गंभीरता से लिया गया और संबंधित विभागों को इसकी जानकारी दी गई।
पीथमपुर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है, जहां बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां संचालित होती हैं। यहां गैस, रसायन और अन्य औद्योगिक सामग्री से जुड़ी इकाइयों में सुरक्षा मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में किसी टैंक के फटने जैसी घटना से फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।
अधिकारियों की ओर से घटना के कारणों की जांच की जा रही है। जांच में यह देखा जाएगा कि नाइट्रोजन गैस रिसीवर टैंक में किस वजह से खराबी आई और क्या टैंक में निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार दबाव नियंत्रित किया जा रहा था। साथ ही टैंक की तकनीकी स्थिति और उसके रखरखाव से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
धमाके के बाद कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों और आसपास के लोगों के बीच कुछ समय के लिए चिंता का माहौल रहा। फिलहाल घटना से हुए नुकसान और किसी के घायल होने से जुड़ी विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
प्रशासन और संबंधित विभाग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे की वास्तविक वजह क्या थी और इसमें सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया गया था। औद्योगिक क्षेत्र में हुई इस घटना ने एक बार फिर फैक्ट्रियों में सुरक्षा व्यवस्था और नियमित तकनीकी जांच की जरूरत को सामने ला दिया है।

