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एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पास आय से 200 गुना ज्यादा संपत्ति: EOW की छापेमारी में 11 करोड़ का खुलासा, बालाघाट-छिंदवाड़ा और भोपाल में जांच

एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पास आय से 200 गुना ज्यादा संपत्ति: EOW की छापेमारी में 11 करोड़ का खुलासा, बालाघाट-छिंदवाड़ा और भोपाल में जांच

मध्य प्रदेश में आर्थिक अपराधों से जुड़ी जांच के दौरान आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के ठिकानों पर छापेमारी कर आय से कई गुना अधिक संपत्ति का खुलासा किया है। प्रारंभिक जांच में इंजीनियर के पास करीब 11 करोड़ रुपए की संपत्ति सामने आने की बात कही जा रही है। यह संपत्ति उनकी ज्ञात आय की तुलना में करीब 200 गुना अधिक बताई गई है। मामले में EOW की टीम ने बालाघाट, छिंदवाड़ा और भोपाल में अलग-अलग ठिकानों पर जांच की।

तीन शहरों में एक साथ पहुंची EOW की टीम

आय से अधिक संपत्ति के मामले में EOW ने इंजीनियर से जुड़े ठिकानों की जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान टीमों ने बालाघाट, छिंदवाड़ा और भोपाल में दस्तावेजों और संपत्तियों से संबंधित जानकारी जुटाई। जांच एजेंसी की टीम ने संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जानकारी खंगाली।

EOW की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि अधिकारी की कुल संपत्ति कितनी है और उनकी घोषित आय के मुकाबले संपत्ति में कितना अंतर है। जांच के दौरान सामने आए दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड का भी सत्यापन किया जा रहा है।

आय से कई गुना अधिक संपत्ति का आरोप

जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, इंजीनियर के पास उनकी ज्ञात आय के मुकाबले करीब 200 गुना अधिक संपत्ति होने का आरोप है। करीब 11 करोड़ रुपए की संपत्ति का आंकड़ा सामने आने के बाद EOW ने संपत्ति के स्रोतों की जांच तेज कर दी है।

जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि संपत्तियां किन माध्यमों से अर्जित की गईं और इनके लिए धन का स्रोत क्या था। इसके अलावा चल-अचल संपत्तियों के साथ-साथ बैंक खातों और अन्य निवेशों की भी जांच की जा रही है।

संपत्तियों और दस्तावेजों की जांच जारी

छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों के आधार पर EOW अब संपत्तियों का मूल्यांकन और सत्यापन कर रही है। टीम यह भी जांच रही है कि अधिकारी या उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर कितनी चल और अचल संपत्तियां दर्ज हैं।

जांच में जमीन, मकान, वाहन, बैंक जमा, निवेश और अन्य वित्तीय संसाधनों से जुड़ी जानकारी को शामिल किया जा रहा है। इन सभी का अधिकारी की वैध आय और आय के ज्ञात स्रोतों से मिलान किया जाएगा।

जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी तस्वीर

EOW की कार्रवाई के बाद अब मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। छापेमारी में मिले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण करने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कुल कितनी संपत्ति आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक है।

फिलहाल EOW की टीम बालाघाट, छिंदवाड़ा और भोपाल में मिले रिकॉर्ड की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद संपत्तियों के वास्तविक मूल्य और उनके स्रोतों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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