भोपाल की सड़कों पर पहली बार दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें, ट्रायल रन शुरू; 5 दिन तक अलग-अलग रूट पर होगी जांच
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। शहर में पहली बार इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल रन शुरू हो गया है। अगले पांच दिनों तक इन बसों को अलग-अलग रूटों पर चलाकर उनकी क्षमता और संचालन से जुड़ी खामियों की जांच की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल रन सोमवार से शुरू किया गया। पहले दिन बसों को शहर के प्रमुख मार्गों पर चलाया गया। इस दौरान बसों की रफ्तार, बैटरी प्रदर्शन, चार्जिंग क्षमता, यात्री सुविधा और सड़क पर संचालन की स्थिति को परखा गया। शुरुआती ट्रायल में किसी तरह की बड़ी तकनीकी समस्या सामने नहीं आई।
ट्रायल के दौरान इलेक्ट्रिक बसें करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ीं। अधिकारियों ने बसों के ब्रेकिंग सिस्टम, ड्राइविंग अनुभव और यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। अगले कुछ दिनों तक अलग-अलग रूट पर संचालन कर वास्तविक परिस्थितियों में बसों की कार्यक्षमता को जांचा जाएगा।
नगर प्रशासन और परिवहन विभाग का उद्देश्य इलेक्ट्रिक बसों के जरिए शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाना है। इन बसों के संचालन से जहां यात्रियों को आधुनिक और सुविधाजनक सफर मिलेगा, वहीं प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।
अधिकारियों के मुताबिक, ट्रायल रन के दौरान मिलने वाली कमियों और सुझावों के आधार पर जरूरी सुधार किए जाएंगे। इसके बाद बसों को नियमित रूप से यात्रियों के लिए सड़कों पर उतारा जाएगा।
इलेक्ट्रिक बसों में प्रदूषण कम होने के साथ-साथ शोर भी कम होता है, जिससे शहर के पर्यावरण को फायदा मिलेगा। भोपाल में बढ़ते यातायात दबाव और प्रदूषण को देखते हुए इसे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में अहम बदलाव माना जा रहा है।
राजधानी के लोगों को अब उम्मीद है कि इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने के बाद उन्हें बेहतर, आरामदायक और किफायती परिवहन विकल्प मिलेगा। वहीं प्रशासन भी इस परियोजना को सफल बनाने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।

