15 दिन बाद भी नहीं मिल सकी बुजुर्ग महिला की पहचान, प्रेमाश्रय से शिफ्टिंग के दौरान हुई थी अलग
इंदौर में बुजुर्गों की शिफ्टिंग के दौरान एक बुजुर्ग महिला अपने परिवार से अलग हो गई। घटना को करीब 15 दिन बीत जाने के बावजूद महिला की पहचान और उसके परिजनों का पता नहीं चल सका है। मामले में बाल कल्याण समिति यानी CWC ने पुलिस से जानकारी मांगी है, ताकि महिला के परिवार तक पहुंचने की कोशिश की जा सके।
जानकारी के अनुसार, महिला इंदौर के प्रेमाश्रय में रह रही थी। वहां से बुजुर्गों को दूसरी जगह शिफ्ट किए जाने की प्रक्रिया के दौरान वह समूह से अलग हो गई। शिफ्टिंग के बाद जब महिला की स्थिति और रिकॉर्ड की जांच की गई तो उसके परिजनों से संपर्क की जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी।
महिला के अलग होने की जानकारी सामने आने के बाद उसकी पहचान और परिवार की तलाश शुरू की गई। स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने के साथ पुलिस से भी संपर्क किया गया। लेकिन करीब 15 दिन बीतने के बाद भी महिला के परिवार का पता नहीं लगाया जा सका है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए CWC ने पुलिस से महिला से संबंधित जानकारी मांगी है। समिति यह जानना चाहती है कि महिला के परिवार या किसी परिचित का पता लगाने के लिए अब तक क्या प्रयास किए गए और जांच में क्या जानकारी सामने आई है।
महिला की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उसके नाम, पते, पुराने रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध जानकारियों की जांच की जा रही है। यदि महिला के पास कोई पहचान संबंधी दस्तावेज या अन्य सामग्री उपलब्ध है तो उसके आधार पर भी परिवार का पता लगाने का प्रयास किया जा सकता है।
बुजुर्गों की देखभाल करने वाले संस्थानों में रहने वाले लोगों का रिकॉर्ड और उनके परिजनों की जानकारी सुरक्षित रखना बेहद जरूरी माना जाता है। शिफ्टिंग जैसी प्रक्रिया के दौरान किसी बुजुर्ग के अलग हो जाने से उसकी सुरक्षा और परिवार से संपर्क दोनों प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर भी मामले की निगरानी जरूरी है।
CWC की ओर से पुलिस से जानकारी मांगे जाने के बाद अब महिला की पहचान और उसके परिवार तक पहुंचने की कोशिश तेज होने की उम्मीद है। पुलिस स्थानीय स्तर पर पूछताछ के साथ उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच कर सकती है।
फिलहाल महिला की पहचान सामने नहीं आई है और उसके परिजनों की तलाश जारी है। 15 दिन बाद भी परिवार का पता नहीं चल पाना चिंता का विषय है। अब पुलिस और संबंधित विभाग की जांच से यह उम्मीद है कि महिला के बारे में जानकारी जुटाकर उसे उसके परिवार से मिलाने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा।

