प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार (28 अप्रैल, 2025) को मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर और मंदसौर में विभिन्न शराब ठेकेदारों से संबंधित 11 परिसरों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की। ईडी ने शराब ठेकेदारों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर मामले की जांच शुरू की, जिसमें कथित तौर पर ट्रेजरी चालान में जालसाजी और हेरफेर के जरिए सरकारी खजाने को 49.42 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने और वित्त वर्ष 2015-16 से वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान शराब के अधिग्रहण के लिए अवैध रूप से “अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी)” प्राप्त करने का आरोप है।

