डायल-112 में देरी पर अब हर दिन नजर, पिछड़ने वाली एफआरवी से पूछी जाएगी वजह; 10 मिनट में मदद का लक्ष्य
डायल-112 की आपातकालीन सेवा को और प्रभावी बनाने के लिए अब पुलिस की फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल यानी एफआरवी की कार्यप्रणाली की रोजाना निगरानी की जाएगी। किसी सूचना पर मौके पर पहुंचने में तय समय से पिछड़ने वाली एफआरवी से देरी का कारण पूछा जाएगा। पुलिस का लक्ष्य है कि डायल-112 पर सूचना मिलने के बाद जरूरतमंद तक करीब 10 मिनट में मदद पहुंचाई जा सके।
नई व्यवस्था के तहत डायल-112 से जुड़ी प्रत्येक एफआरवी की लोकेशन और रिस्पांस टाइम पर लगातार नजर रखी जाएगी। किसी घटना या आपात स्थिति की सूचना मिलने के बाद संबंधित वाहन को तुरंत मौके के लिए रवाना किया जाता है। अब यह भी देखा जाएगा कि एफआरवी को घटनास्थल तक पहुंचने में कितना समय लगा और यदि तय समय से अधिक देरी हुई तो उसका कारण क्या था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आपातकालीन मामलों में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। सड़क दुर्घटना, झगड़ा, महिला सुरक्षा, चोरी या अन्य किसी आपात स्थिति में समय पर पुलिस सहायता मिलने से स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सकता है। इसी उद्देश्य से रिस्पांस टाइम को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
हर दिन की समीक्षा में उन एफआरवी को चिन्हित किया जाएगा, जिनका रिस्पांस टाइम लगातार खराब रहा है। संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों से देरी की वजह पूछी जाएगी। यदि किसी मार्ग, ट्रैफिक, वाहन या तकनीकी समस्या के कारण देरी हुई है तो उसे भी रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। वहीं लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
डायल-112 सेवा के तहत मिलने वाली सूचनाओं को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित एफआरवी तक भेजा जाता है। नई निगरानी व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सूचना मिलने और पुलिस टीम के मौके पर पहुंचने के बीच अनावश्यक समय न लगे।
इसके लिए पुलिस कंट्रोल रूम और स्थानीय स्तर के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया जा रहा है। एफआरवी की लोकेशन, उपलब्धता और घटनास्थल से दूरी के आधार पर वाहन भेजने की व्यवस्था को प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।
पुलिस का मानना है कि रोजाना मॉनिटरिंग से एफआरवी कर्मचारियों में जवाबदेही बढ़ेगी और रिस्पांस टाइम में सुधार होगा। इससे आम लोगों को आपात स्थिति में पुलिस की मदद जल्दी मिल सकेगी।
डायल-112 में 10 मिनट के भीतर मदद पहुंचाने का लक्ष्य हासिल करना पुलिस के लिए अहम चुनौती है। अब हर दिन देरी वाले मामलों की समीक्षा और संबंधित एफआरवी से जवाब लेने की व्यवस्था लागू होने से आपातकालीन पुलिस सेवा को अधिक तेज और जवाबदेह बनाने की उम्मीद है।

