धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने चारमीनार स्थित भाग्यलक्ष्मी मंदिर में किए दर्शन, राम मंदिर की तर्ज पर विकास की जताई इच्छा
बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सोमवार को अपनी हैदराबाद यात्रा के समापन से पहले प्रसिद्ध श्री भाग्यलक्ष्मी मंदिर में पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। चारमीनार स्थित इस मंदिर में उन्होंने मां भाग्यलक्ष्मी का आशीर्वाद लिया और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की।
मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का स्वागत किया। उन्होंने मंदिर में पूजा के दौरान देश की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर का भी अवलोकन किया और धार्मिक महत्व से जुड़ी जानकारी ली।
दर्शन के बाद पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भाग्यलक्ष्मी मंदिर को लेकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि अयोध्या में बने भव्य रामलला मंदिर की तर्ज पर भाग्यलक्ष्मी मंदिर का भी विकास होना चाहिए। उनका कहना था कि यह मंदिर भी श्रद्धा और आस्था का बड़ा केंद्र है, इसलिए इसके विकास और सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए।
चारमीनार के पास स्थित श्री भाग्यलक्ष्मी मंदिर लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। यहां बड़ी संख्या में लोग मां लक्ष्मी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर और चारमीनार क्षेत्र हैदराबाद की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े महत्वपूर्ण स्थानों में शामिल हैं।
गौरतलब है कि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपनी हैदराबाद यात्रा के दौरान विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हुए। उनके कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। यात्रा के अंतिम दिन उन्होंने भाग्यलक्ष्मी मंदिर पहुंचकर पूजा की और अपनी यात्रा का समापन किया।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर अपने बयानों के लिए अक्सर चर्चा में रहते हैं। उनके मंदिर दर्शन और भाग्यलक्ष्मी मंदिर के विकास को लेकर दिए गए बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

