Samachar Nama
×

धार भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जुमे की नमाज को लेकर असमंजस, वैकल्पिक जगह की तलाश में प्रशासन

धार भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जुमे की नमाज को लेकर असमंजस, वैकल्पिक जगह की तलाश में प्रशासन

मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में जुमे की नमाज को लेकर स्थिति एक बार फिर चर्चा में आ गई है। सुप्रीम कोर्ट के 14 जुलाई के अंतरिम आदेश के बाद मुस्लिम समाज के लिए नमाज की व्यवस्था को लेकर प्रशासन और संबंधित पक्षों के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिए हैं कि मुस्लिम समाज के लिए भोजशाला के पास किसी खाली वैकल्पिक स्थान पर जुमे की नमाज की व्यवस्था की जाए। इसके बाद अब प्रशासन वैकल्पिक जगह को लेकर मंथन कर रहा है।

भोजशाला परिसर में नमाज को लेकर जारी है विवाद

धार की भोजशाला लंबे समय से धार्मिक और ऐतिहासिक विवाद का केंद्र रही है। हिंदू पक्ष इसे वाग्देवी (सरस्वती माता) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद बताता है। इसी विवाद को लेकर मामला अदालतों में विचाराधीन है।जुमे की नमाज को लेकर हर सप्ताह प्रशासन को सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़े इंतजाम करने पड़ते हैं। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद नमाज के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

प्रशासन के सामने व्यवस्था की चुनौती

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन को ऐसी जगह तलाशनी होगी, जो भोजशाला के नजदीक हो और जहां नमाजियों के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जा सके।प्रशासन यह भी सुनिश्चित करेगा कि व्यवस्था के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी तरह की स्थिति उत्पन्न न हो।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रहेगी नजर

फिलहाल सभी पक्ष सुप्रीम कोर्ट के आगे के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। अदालत के अंतरिम आदेश के बाद अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था कैसे करता है और आने वाले शुक्रवार को नमाज किस जगह अदा की जाती है।भोजशाला मामला पहले से ही संवेदनशील माना जाता है, ऐसे में प्रशासन किसी भी निर्णय को पूरी सावधानी और समन्वय के साथ लागू करने की तैयारी में है।

Share this story

Tags