देवास पटाखा फैक्ट्री हादसा: भीषण धमाके में 5 मजदूरों की मौत, 20 से अधिक घायल; मलबे में तब्दील हुई यूनिट, कई घंटे तक गूंजते रहे धमाके
मध्यप्रदेश के देवास जिले के टोंककलां गांव में गुरुवार सुबह एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक पांच मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल फैल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि फैक्ट्री की पूरी संरचना बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और कई दीवारें ढह गईं। विस्फोट के बाद मलबा दूर-दूर तक बिखर गया और शवों के टुकड़े लगभग 20 से 25 फीट तक दूर जाकर गिरे, जिससे मौके पर भयावह स्थिति बन गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि धमाके के बाद लगातार कई घंटों तक पटाखों के फूटने जैसी आवाजें सुनाई देती रहीं, जिससे यह आशंका और गहरा गई कि फैक्ट्री में भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मौजूद थी और आग बार-बार भड़कती रही।
हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई और आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने राहत और बचाव कार्य में मदद की और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल कई मजदूरों को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है।
सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने तथा स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए गए। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों को भी बुलाया गया, हालांकि लगातार हो रहे छोटे-छोटे धमाकों के कारण राहत कार्य में काफी दिक्कतें आईं।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आ रही है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी की गई थी और संभवतः अत्यधिक मात्रा में पटाखों और बारूद का अवैध भंडारण किया गया था। हालांकि, विस्फोट के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अवैध और असुरक्षित फैक्ट्रियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें मामले की गहन जांच में जुटी हुई हैं और फैक्ट्री मालिक व संबंधित जिम्मेदारों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यह घटना एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

