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जेल में मोबाइल प्रतिबंध के बावजूद कुख्यात शाहिद इटारसी का वीडियो वायरल, फोन पर बात करते नजर आया बदमाश; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

जेल में मोबाइल प्रतिबंध के बावजूद कुख्यात शाहिद इटारसी का वीडियो वायरल, फोन पर बात करते नजर आया बदमाश; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

जेल के अंदर मोबाइल फोन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कुख्यात बदमाश शाहिद इटारसी उर्फ शाहिद अंसारी का मोबाइल फोन पर बात करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई इस रील में शाहिद फोन पर बातचीत करता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रतिबंधित मोबाइल फोन की निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही रील में शाहिद इटारसी फोन पर बात करते दिखाई दे रहा है। वीडियो में उसके हाथ में मोबाइल फोन नजर आ रहा है। जेल के भीतर मोबाइल फोन रखना और उसका इस्तेमाल करना प्रतिबंधित होने के बावजूद इस तरह का वीडियो सामने आना सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से गंभीर मामला माना जा रहा है।

इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई रील से मचा हड़कंप

शाहिद अंसारी का यह वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया है। रील में वह मोबाइल फोन पर बातचीत करता नजर आ रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद लोगों के बीच इसकी चर्चा शुरू हो गई है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर वीडियो जेल के अंदर बनाया गया है तो प्रतिबंधित मोबाइल फोन वहां तक कैसे पहुंचा? इसके अलावा जेल के भीतर मोबाइल फोन के इस्तेमाल और वीडियो रिकॉर्डिंग की जानकारी सुरक्षा कर्मचारियों को क्यों नहीं मिल पाई, यह भी जांच का विषय है।

जेल में मोबाइल फोन का इस्तेमाल प्रतिबंधित

जेलों में कैदियों के पास मोबाइल फोन रखना और उसका इस्तेमाल करना नियमों के तहत प्रतिबंधित है। इसके बावजूद समय-समय पर जेलों से मोबाइल फोन मिलने और कैदियों के वीडियो सामने आने की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती रही हैं।

जेल के भीतर मोबाइल फोन का इस्तेमाल होने से कैदियों के बाहरी संपर्क बनाए रखने और अन्य गतिविधियों को संचालित करने की आशंका भी पैदा होती है। इसी वजह से जेल प्रशासन की ओर से नियमित तलाशी और निगरानी की व्यवस्था की जाती है।

वीडियो की जांच और मोबाइल फोन की उपलब्धता पर सवाल

शाहिद इटारसी का वीडियो सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे पहले यह पता लगाना जरूरी है कि वीडियो वास्तव में जेल के भीतर बनाया गया है या किसी अन्य स्थान का है। इसके साथ ही वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया और सोशल मीडिया पर किसने पोस्ट किया, इसकी भी जांच महत्वपूर्ण है।

यदि वीडियो जेल के भीतर का पाया जाता है तो यह भी पता लगाना होगा कि मोबाइल फोन संबंधित व्यक्ति तक कैसे पहुंचा और सुरक्षा जांच के दौरान इसका पता क्यों नहीं चला।

फिलहाल वायरल वीडियो ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है। मामले में आधिकारिक जांच और प्रशासन की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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