डेगाना पंचायत समिति को मिला नया विकास अधिकारी, मोहन लाल नोजल ने संभाला कार्यभार; पांच महीने से खाली था पद
नागौर जिले की डेगाना पंचायत समिति को करीब पांच महीने के इंतजार के बाद नया विकास अधिकारी मिल गया है। मोहन लाल नोजल ने पंचायत समिति के विकास अधिकारी के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। लंबे समय से पद रिक्त होने के कारण पंचायत समिति के प्रशासनिक और विकास कार्यों पर असर पड़ रहा था। नए अधिकारी के पदभार संभालने के बाद विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
मोहन लाल नोजल के कार्यभार संभालने के दौरान पंचायत समिति के कर्मचारियों और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने कार्यालय की विभिन्न शाखाओं और चल रहे कार्यों की जानकारी ली।
पांच महीने से खाली था पद
डेगाना पंचायत समिति में विकास अधिकारी का पद करीब पांच महीने से रिक्त था। इस दौरान पंचायत समिति के कामकाज को लेकर विभिन्न प्रशासनिक व्यवस्थाओं के तहत कार्य संचालित किए जा रहे थे।
विकास अधिकारी का पद खाली होने से ग्राम पंचायतों से जुड़े विकास कार्यों, योजनाओं की प्रगति और प्रशासनिक समन्वय से संबंधित कार्यों में अतिरिक्त जिम्मेदारियां बनी हुई थीं। अब नियमित अधिकारी की नियुक्ति से कामकाज को गति मिलने की उम्मीद है।
विकास योजनाओं पर रहेगा फोकस
कार्यभार संभालने के बाद मोहन लाल नोजल ने पंचायत समिति के अधिकारियों और कर्मचारियों से विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने की बात कही।
पंचायत समिति के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पानी, स्वच्छता, रोजगार और अन्य विकास योजनाओं से जुड़े कार्य किए जाते हैं। ऐसे में नए विकास अधिकारी के सामने इन कार्यों को समय पर पूरा करवाने की चुनौती रहेगी।
ग्राम पंचायतों के साथ बेहतर समन्वय पर जोर
विकास अधिकारी ने कर्मचारियों से कहा कि ग्रामीणों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए। ग्राम पंचायतों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
अधिकारियों और कर्मचारियों ने नए विकास अधिकारी को विभागीय कार्यों में सहयोग का भरोसा दिलाया। पदभार संभालने के बाद पंचायत समिति में लंबे समय से लंबित कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
डेगाना पंचायत समिति में करीब पांच महीने बाद विकास अधिकारी की नियुक्ति होने से प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होने की संभावना है। अब ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की निगरानी पहले की तुलना में अधिक प्रभावी तरीके से होने की उम्मीद है।

