मध्य प्रदेश के इंदौर में एक मेडिकल छात्रा साइबर स्टॉकिंग का शिकार हुई। यह मामला दोस्ती टूटने के बाद शुरू हुई, जिसमें बिहार का एक युवक उसकी निजी तस्वीरें फर्जी अकाउंट बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहा था। छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, छात्रा और आरोपी पहले दोस्त थे। दोस्ती टूटने के बाद आरोपी ने बदले की भावना से छात्रा की निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर अपलोड करना शुरू कर दिया। उसने फर्जी अकाउंट बनाकर कई प्लेटफॉर्म्स पर छात्रा को मानसिक रूप से परेशान किया।छात्रा के मुताबिक, यह घटनाक्रम उसे मानसिक रूप से प्रभावित कर रहा था और उसने सुरक्षा के लिहाज से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई
इंदौर साइबर सेल और स्थानीय थाना की टीम ने मामले की जांच शुरू की। डिजिटल ट्रेल और ऑनलाइन सबूतों के आधार पर आरोपी की पहचान हुई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर हिरासत में लिया और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
सामाजिक और कानूनी दृष्टिकोण
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की साइबर स्टॉकिंग और ऑनलाइन उत्पीड़न युवा पीढ़ी के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। साइबर अपराध के तहत आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट और मानसिक उत्पीड़न से संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। साइबर विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा कि निजी तस्वीरों को ऑनलाइन साझा करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

