जल्दी अमीर बनने के लालच में साइबर ठगी का पर्दाफाश, नर्मदापुरम नगरपालिका उपाध्यक्ष के बेटे समेत तीन गिरफ्तार
मध्यप्रदेश के उज्जैन में साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए नर्मदापुरम नगरपालिका उपाध्यक्ष के बेटे समेत तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि तीनों आरोपी एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह से जुड़े हुए हैं और दिल्ली के बड़े साइबर ठगों के इशारे पर काम कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपी युवकों को जल्दी अमीर बनने का लालच था, जिसके चलते वे इस संगठित साइबर अपराध नेटवर्क का हिस्सा बन गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह फर्जी पहचान और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर ऑनलाइन ठगी की घटनाओं को अंजाम देता था।
आरोपियों से पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि वे उज्जैन में रहकर अलग-अलग तरीकों से लोगों को झांसे में लेने और फर्जी आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज तैयार करने में शामिल थे। इन दस्तावेजों का उपयोग बैंक खातों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर धोखाधड़ी के लिए किया जाता था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरोह के तार दिल्ली स्थित बड़े साइबर अपराधियों से जुड़े हुए हैं, जो पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे थे। गिरफ्तार युवकों को स्थानीय स्तर पर काम सौंपा गया था, जबकि मुख्य आरोपी दूर से पूरे रैकेट को नियंत्रित कर रहे थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों को फंसाने और अवैध लेनदेन को अंजाम देने में सक्रिय थे। पुलिस अब उनके मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हो सकती है।
फिलहाल तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक उन्होंने कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है और इसमें कुल कितनी रकम का लेनदेन हुआ है।
इस मामले ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि साइबर ठगी का जाल तेजी से फैल रहा है और इसमें युवा भी लालच में आकर शामिल हो रहे हैं।

