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इंदौर में क्रिप्टो-फॉरेक्स ठगी गिरोह का भंडाफोड़, करोड़ों की धोखाधड़ी का खुलासा, महिला आरोपी गिरफ्तार

इंदौर में क्रिप्टो-फॉरेक्स ठगी गिरोह का भंडाफोड़, करोड़ों की धोखाधड़ी का खुलासा, महिला आरोपी गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के Indore में क्राइम ब्रांच ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का खुलासा किया है, जो क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था। इस कार्रवाई ने पूरे नेटवर्क को लेकर कई अहम खुलासे किए हैं और जांच एजेंसियां अब इस गिरोह के अंतरराज्यीय कनेक्शन खंगालने में जुट गई हैं।

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लोगों को हाई-रिटर्न और जल्दी मुनाफे का लालच देकर निवेश के लिए प्रेरित करता था। शुरुआत में छोटे-छोटे रिटर्न दिखाकर लोगों का भरोसा जीता जाता था, जिसके बाद बड़ी रकम निवेश करवाकर उन्हें ठगी का शिकार बना लिया जाता था।

इस मामले में पुलिस ने एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो इस पूरे नेटवर्क में अहम भूमिका निभा रही थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह केवल एक शहर तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका नेटवर्क कई बड़े शहरों तक फैला हुआ था।

जांच में चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ है कि इस गिरोह के तार Chandigarh, Bengaluru और New Delhi जैसे शहरों से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब इन शहरों में मौजूद संदिग्धों और उनके बैंकिंग लेन-देन की गहन जांच कर रही है।

क्राइम ब्रांच अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क है, जो डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को टारगेट करता था। आरोपी फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म और आकर्षक रिटर्न के दावे करके लोगों को फंसाते थे।

पुलिस ने बताया कि ठगी के पैसों को अलग-अलग खातों और डिजिटल वॉलेट्स के जरिए घुमाया जाता था, ताकि पैसे की ट्रैकिंग मुश्किल हो सके। इसके लिए क्रिप्टो करेंसी का इस्तेमाल भी किया गया, जिससे जांच एजेंसियों के लिए धन के स्रोत तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो गया।

फिलहाल गिरफ्तार महिला से पूछताछ जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि उससे गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। इसके साथ ही कई डिजिटल सबूतों को भी जब्त कर तकनीकी जांच की जा रही है।

इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान निवेश योजना, खासकर क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग में बिना पूरी जांच-पड़ताल के पैसा न लगाएं। अधिकारियों ने कहा कि अधिक मुनाफे का लालच अक्सर साइबर ठगी का सबसे बड़ा हथियार होता है।

कुल मिलाकर, इंदौर का यह मामला एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क की ओर इशारा करता है, जिसमें आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों से करोड़ों की ठगी की गई। अब जांच एजेंसियां इस पूरे गिरोह की जड़ तक पहुंचने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही हैं।

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