जबलपुर के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे को लेकर जिला न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने हादसे के दौरान यात्रियों को मरता छोड़कर भागने के आरोप में ड्राइवर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने पुलिस को इस मामले में कार्रवाई के लिए दो दिन की मोहलत दी है और स्पष्ट किया है कि यदि समयसीमा में एफआईआर दर्ज नहीं होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने हादसे की गंभीरता पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसी लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने यह भी कहा कि प्राथमिक जिम्मेदारी ड्राइवर की होती है कि वह यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे, लेकिन इस मामले में कथित रूप से वह अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहा।
जानकारी के अनुसार, क्रूज हादसे के दौरान कई यात्री पानी में फंस गए थे और उन्हें समय पर मदद नहीं मिल पाई। आरोप है कि ड्राइवर मौके से फरार हो गया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
पुलिस का कहना है कि कोर्ट के आदेश के बाद मामले में तेजी से कार्रवाई की जा रही है। संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, ताकि निर्धारित समय के भीतर एफआईआर दर्ज की जा सके।
इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं, खासकर सुरक्षा मानकों और आपातकालीन तैयारियों को लेकर। विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

