जबलपुर के हीरापुर बेका गांव में श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर विवाद, फुटेज में देंखे महिलाओं के साथ बदसलूकी का आरोप
जबलपुर के हीरापुर बेका गांव में 9 से 15 फरवरी तक आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के समापन कार्यक्रम के दौरान विवाद खड़ा हो गया है। कथा वाचक उत्तम स्वामी के समर्थकों पर महिलाओं के साथ बदसलूकी और मंच से पानी फेंकने के आरोप लगाए गए हैं। यह घटना रविवार (15 फरवरी) को हुई, जब समापन समारोह में अचानक भीड़ बढ़ गई।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। वीडियो में कुछ लोगों को महिलाओं को धक्का देते और मंच से पानी फेंकते देखा जा सकता है। इससे कार्यक्रम के माहौल में तनाव उत्पन्न हो गया और स्थानीय लोग घटना की निंदा कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, कथावाचन 9 फरवरी से शुरू हुआ था और यह 15 फरवरी को समापन पर पहुंचा। इस दौरान उत्तम स्वामी के कई समर्थक कथावाचन और आयोजन की व्यवस्थाओं में सक्रिय रहे। रविवार को होने वाले समापन कार्यक्रम में विशेष आयोजन और भीड़ जुटने के कारण सुरक्षा के लिहाज से सतर्कता आवश्यक थी, लेकिन वीडियो से यह स्पष्ट हुआ कि कुछ लोग अनुशासन भंग कर रहे थे।
उत्तम स्वामी पहले भी दुष्कर्म के आरोपों से घिरे हुए हैं, जिससे इस घटना को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। सोशल मीडिया और स्थानीय समुदाय में इसे लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की सुरक्षा की क्या व्यवस्था थी और आयोजकों की जिम्मेदारी कितनी निभाई गई।
स्थानीय पुलिस ने अभी तक घटना को लेकर औपचारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, मामले की जांच की संभावना जताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो की पुष्टि की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
घटना ने स्थानीय लोगों और धार्मिक आयोजनों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बहस को भी हवा दी है। कई लोग मांग कर रहे हैं कि भविष्य में धार्मिक आयोजनों में सख्त सुरक्षा उपाय और निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक कार्यक्रमों में भीड़ प्रबंधन और महिला सुरक्षा का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। कहीं भीड़ नियंत्रण न होने या अनुशासनहीन व्यवहार की स्थिति में ऐसी घटनाएं घट सकती हैं, जो समाज में नकारात्मक संदेश देती हैं।
इस घटना ने हीरापुर बेका गांव के धार्मिक और सामाजिक माहौल को प्रभावित किया है। ग्रामीण और श्रद्धालु इस विवाद से चिंतित हैं और मांग कर रहे हैं कि आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
इस प्रकार, श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर हुई यह घटना न केवल धार्मिक आयोजन में अनुशासन की कमी को उजागर करती है, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और आयोजकों की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाती है। अब देखने की बात होगी कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और भविष्य में धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा की क्या व्यवस्था की जाती है।

