इंदौर में दूषित पानी से बढ़ी चिंता, महावीर नगर में लोग हो रहे बीमार, वर्षों से नहीं पहुंची नर्मदा जलापूर्ति
भागीरथपुरा जलकांड की गूंज अभी थमी भी नहीं है कि शहर के एक और इलाके से दूषित पानी की समस्या सामने आ गई है। इंदौर के वार्ड क्रमांक-16 स्थित महावीर नगर में गंदे और दूषित पानी के कारण लोगों के बीमार होने की शिकायतें बढ़ रही हैं। क्षेत्र के रहवासियों का आरोप है कि लंबे समय से वे स्वच्छ पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार महावीर नगर में आज तक नर्मदा जलापूर्ति लाइन नहीं पहुंच पाई है। ऐसे में यहां रहने वाले हजारों लोग अपनी दैनिक जरूरतों के लिए बोरिंग और टैंकरों पर निर्भर हैं। गर्मी के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब पानी की मांग बढ़ने के साथ-साथ जलसंकट गहरा जाता है।
रहवासियों का कहना है कि हाल के दिनों में सप्लाई हो रहे पानी की गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है। कई घरों में पानी मटमैला और बदबूदार आ रहा है। दूषित पानी के सेवन के बाद लोगों में पेट दर्द, उल्टी, दस्त और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ रहा है।
क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि कई बार नगर निगम और संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का कहना है कि शहर के अन्य हिस्सों में नर्मदा परियोजना के तहत जलापूर्ति की जा रही है, जबकि महावीर नगर जैसे क्षेत्रों को अब भी इस सुविधा से वंचित रखा गया है।
भागीरथपुरा जलकांड के बाद शहर में पेयजल व्यवस्था को लेकर पहले ही सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में महावीर नगर की स्थिति ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
रहवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में जल्द से जल्द नर्मदा जलापूर्ति लाइन बिछाई जाए और फिलहाल दूषित पानी की समस्या का तत्काल समाधान किया जाए। साथ ही पानी की नियमित जांच कर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
महावीर नगर में सामने आई इस समस्या ने एक बार फिर शहर की पेयजल व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब लोगों की निगाहें नगर निगम और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

