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डिंडौरी में बीजों के अंकुरित नहीं होने की शिकायत, किसानों के साथ सर्वे के निर्देश; लापरवाही पर होगी कार्रवाई

डिंडौरी में बीजों के अंकुरित नहीं होने की शिकायत, किसानों के साथ सर्वे के निर्देश; लापरवाही पर होगी कार्रवाई

मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में किसानों की ओर से बीजों के अंकुरित नहीं होने की शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। किसानों की शिकायतों की जांच के लिए अधिकारियों को उनके साथ खेतों का सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बताया जा रहा है कि जिले के कुछ क्षेत्रों में किसानों ने शिकायत की है कि खेतों में बोए गए बीज अपेक्षा के अनुसार अंकुरित नहीं हुए। इससे किसानों को फसल को लेकर चिंता बढ़ गई है। शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और वास्तविक स्थिति की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।

किसानों के साथ खेतों का होगा सर्वे

प्रशासन की ओर से अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे किसानों के साथ संबंधित खेतों का सर्वे करें। इस दौरान यह देखा जाएगा कि किन क्षेत्रों में बीजों का अंकुरण प्रभावित हुआ है और इसकी वास्तविक स्थिति क्या है। सर्वे के दौरान किसानों से भी जानकारी ली जाएगी, ताकि समस्या के कारणों का पता लगाया जा सके।

अधिकारियों को खेतों में जाकर फसल की स्थिति देखने के साथ बीज की गुणवत्ता और बोवनी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच करने को कहा गया है। सर्वे के बाद तैयार रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बीज की गुणवत्ता समेत कई पहलुओं की जांच

बीजों के अंकुरित नहीं होने के पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं। इनमें बीज की गुणवत्ता, भंडारण, मिट्टी की स्थिति, नमी और बोवनी से जुड़ी परिस्थितियां शामिल हो सकती हैं। प्रशासन की जांच में इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा सकता है।

किसानों का कहना है कि यदि बीजों का अंकुरण नहीं होता है तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। खेती में पहले ही बीज, खाद, सिंचाई और अन्य संसाधनों पर खर्च होता है। ऐसे में फसल प्रभावित होने पर किसानों की परेशानी बढ़ सकती है।

लापरवाही मिलने पर होगी कार्रवाई

प्रशासन ने मामले में किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लेने की बात कही है। जांच के दौरान यदि संबंधित स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को किसानों की शिकायतों का गंभीरता से परीक्षण कर वास्तविक स्थिति सामने लाने के निर्देश दिए गए हैं।

फिलहाल किसानों की शिकायतों के बाद सर्वे की प्रक्रिया शुरू किए जाने की तैयारी है। सर्वे और जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बीजों के अंकुरित नहीं होने की वजह क्या रही और इसके लिए कौन से कारक जिम्मेदार हैं। प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर आगे आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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