भिंड में गांजा तस्करी का ‘कंपनी मॉडल’ बेनकाब, फाइनेंसर से सप्लाई तक बंटी थीं जिम्मेदारियां, A-टीम पकड़ी तो B-टीम हुई सक्रिय
मध्य प्रदेश के भिंड में गांजा तस्करी का एक चौंकाने वाला ‘कंपनी मॉडल’ सामने आया है, जिसने पुलिस और जांच एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है। खुलासे में सामने आया है कि तस्करी गिरोह ने किसी कॉरपोरेट कंपनी की तरह पूरा नेटवर्क तैयार कर रखा था, जिसमें फाइनेंसर, मैनेजर, स्टोरकीपर और सप्लाई तक की जिम्मेदारियां अलग-अलग लोगों को सौंपी गई थीं।
जांच में सामने आया है कि गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था और नेटवर्क इस तरह बनाया गया था कि किसी एक टीम के पकड़े जाने के बावजूद तस्करी का धंधा प्रभावित न हो। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि दिसंबर में A-टीम के पकड़े जाने के बाद तुरंत B-टीम सक्रिय हो गई और नेटवर्क बिना रुके चलता रहा।
सूत्रों के अनुसार गिरोह ने पूरे ऑपरेशन को चरणबद्ध तरीके से बांट रखा था। फाइनेंसर निवेश और फंडिंग संभालते थे, मैनेजर पूरे नेटवर्क की मॉनिटरिंग करते थे, स्टोरकीपर माल की सुरक्षा और स्टॉक संभालते थे, जबकि सप्लाई चैन अलग से संचालित की जाती थी। इस सुनियोजित तंत्र ने तस्करी को ‘कंपनी मॉडल’ का रूप दे दिया था।
जांच एजेंसियों का मानना है कि गिरोह ने बैकअप सिस्टम भी तैयार कर रखा था। अगर एक टीम कानून के शिकंजे में आ जाए तो दूसरी टीम तुरंत काम संभाल ले। यही वजह रही कि दिसंबर में कार्रवाई के बाद भी नेटवर्क पूरी तरह बंद नहीं हुआ।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह सिर्फ साधारण तस्करी का मामला नहीं, बल्कि संगठित अपराध का एक बड़ा नेटवर्क है। प्रारंभिक जांच में कई अहम सुराग मिले हैं और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
इस खुलासे के बाद यह भी सामने आया है कि गिरोह कामकाज को लगभग पेशेवर ढंग से संचालित कर रहा था। जिम्मेदारियों के स्पष्ट बंटवारे और वैकल्पिक टीमों के जरिए धंधा बाधित न हो, इसके लिए पूरी रणनीति बनाई गई थी।
भिंड में सामने आया यह मॉडल नशा तस्करी के बदलते तौर-तरीकों की ओर भी इशारा करता है। अब तस्कर पारंपरिक तरीके छोड़ संगठित और संरचित नेटवर्क के जरिए काम कर रहे हैं, जिससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सामने नई चुनौती खड़ी हो रही है।
पुलिस अब इस नेटवर्क के आर्थिक पहलुओं, फंडिंग स्रोत और सप्लाई चेन की भी जांच कर रही है। माना जा रहा है कि इस मामले में आगे और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
फिलहाल ‘कंपनी मॉडल’ पर चल रही गांजा तस्करी का यह मामला चर्चा में है और इसने संगठित अपराध की कार्यप्रणाली को लेकर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच एजेंसियों की नजर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने और इसके पीछे के मास्टरमाइंड तक पहुंचने पर है।

