रतलाम में आम आदमी बनकर अस्पताल पहुंचे कलेक्टर: बिना सरकारी गाड़ी मेडिकल कॉलेज का किया औचक निरीक्षण, एक घंटे तक वार्डों में परखी व्यवस्थाएं
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में कलेक्टर ने गुरुवार रात आम नागरिक की तरह मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। बिना सरकारी गाड़ी और बिना किसी प्रोटोकॉल के पहुंचे कलेक्टर ने करीब एक घंटे तक अस्पताल के विभिन्न वार्डों का दौरा किया और मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया।
रात के समय अचानक पहुंचे कलेक्टर को शुरुआत में अस्पताल का स्टाफ पहचान नहीं सका। उन्होंने आम मरीज और उनके परिजनों की तरह अस्पताल परिसर में घूमकर व्यवस्थाओं को देखा और उपचार, साफ-सफाई, दवा वितरण तथा अन्य जरूरी सुविधाओं की स्थिति का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मरीजों और उनके परिजनों से भी बातचीत की। उन्होंने इलाज की गुणवत्ता, डॉक्टरों की उपलब्धता, दवाओं की व्यवस्था और अस्पताल में मिलने वाली अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। मरीजों से मिले फीडबैक के आधार पर उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने अस्पताल के वार्डों, आपातकालीन सेवाओं और अन्य महत्वपूर्ण विभागों का निरीक्षण करते हुए साफ-सफाई और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया। जहां भी कमियां नजर आईं, उन्हें तत्काल दूर करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
जिला प्रशासन का कहना है कि इस तरह के औचक निरीक्षण का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाना है। बिना पूर्व सूचना के किए गए निरीक्षण से अस्पताल प्रशासन भी सतर्क नजर आया।
कलेक्टर के इस अनोखे निरीक्षण की चर्चा पूरे शहर में रही। आम नागरिक की तरह अस्पताल पहुंचकर वास्तविक स्थिति का आकलन करने के उनके इस प्रयास की कई लोगों ने सराहना की। प्रशासन का मानना है कि ऐसे औचक निरीक्षणों से सरकारी संस्थानों की जवाबदेही बढ़ेगी और आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

