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राजगढ़ हादसे के बाद CM का सख्त सवाल, 4 जगह टीमें थीं तो 5वीं के लिए मदद क्यों नहीं ली? बोले- आपदा में संसाधन कम नहीं पड़ने चाहिए

राजगढ़ हादसे के बाद CM का सख्त सवाल, 4 जगह टीमें थीं तो 5वीं के लिए मदद क्यों नहीं ली? बोले- आपदा में संसाधन कम नहीं पड़ने चाहिए

राजगढ़ हादसे के बाद राहत और बचाव व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जवाब-तलब किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चार स्थानों पर आपदा प्रबंधन की टीमें मौजूद थीं, तो पांचवीं जगह जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मदद क्यों नहीं ली गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आपदा की स्थिति में संसाधनों की कमी किसी भी हालत में नहीं होनी चाहिए और जरूरत के अनुसार तत्काल अतिरिक्त संसाधन जुटाए जाने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने हादसे की समीक्षा के दौरान अधिकारियों से घटनाक्रम की पूरी जानकारी ली। उन्होंने मौके पर मौजूद संसाधनों, बचाव दलों की तैनाती और आपसी समन्वय को लेकर भी सवाल किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी आपदा के दौरान शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने के साथ जरूरत पड़ने पर आसपास के जिलों और अन्य एजेंसियों से तत्काल सहायता ली जानी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में इस तरह की परिस्थितियों से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और मजबूत किया जाए। राहत एवं बचाव कार्य में किसी भी स्तर पर देरी नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन को हर संभावित स्थिति के लिए पहले से तैयार रहना होगा और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आपदा के समय केवल एक स्थान पर उपलब्ध टीमों पर निर्भर रहने के बजाय सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। यदि किसी स्थान पर अतिरिक्त टीम या उपकरणों की आवश्यकता है तो उसे दूसरे स्थान से तत्काल भेजने की व्यवस्था होनी चाहिए।

राजगढ़ हादसे के बाद मुख्यमंत्री की ओर से अधिकारियों को दिए गए निर्देशों को आपदा प्रबंधन व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी आपदा के दौरान संसाधनों की कमी के कारण राहत और बचाव कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। प्रशासन को स्थानीय स्तर से लेकर राज्य स्तर तक ऐसी व्यवस्था विकसित करनी होगी, जिससे जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टीम, उपकरण और अन्य संसाधन तुरंत मौके पर पहुंचाए जा सकें।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि हादसों से सबक लेते हुए व्यवस्थाओं की कमियों को दूर किया जाए। आपदा प्रबंधन की तैयारियों की नियमित समीक्षा हो और जहां भी कमी नजर आए, उसे समय रहते ठीक किया जाए। उन्होंने साफ संदेश दिया कि संकट की घड़ी में प्रशासन की तत्परता और संसाधनों का त्वरित इस्तेमाल लोगों की जान बचाने में सबसे अहम भूमिका निभाता है।

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