बांस और टूटी एस्बेस्टस शीट से बनी रसोई में पक रहा बच्चों का खाना, उमरिया के आंगनबाड़ी केंद्र की बदहाल तस्वीर
मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। करकेली विकासखंड की ग्राम पंचायत मानिकपुर के कारीगडहरी गांव में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की हालत बेहद खराब बताई जा रही है। यहां छोटे बच्चों के लिए भोजन तैयार करने के लिए बांस और एस्बेस्टस शीट के टूटे-फूटे टुकड़ों से अस्थायी रसोई बनाई गई है।
बताया जा रहा है कि आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को मिलने वाले भोजन को इसी जुगाड़ से तैयार की गई रसोई में पकाया जाता है। रसोई के नाम पर बांस और पुरानी एस्बेस्टस शीट के सहारे एक अस्थायी ढांचा खड़ा कर दिया गया है। इसकी हालत देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां खाना बनाने वाली महिला को किन परिस्थितियों में काम करना पड़ता है।
सबसे गंभीर बात यह है कि जिस स्थान पर बच्चों के लिए भोजन तैयार किया जा रहा है, वहां सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। टूटी-फूटी शीट और बांस से बनी यह अस्थायी रसोई बारिश और खराब मौसम में कितनी सुरक्षित है, इसे लेकर ग्रामीणों में चिंता है। खाना बनाने के दौरान भी हादसे का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र छोटे बच्चों के पोषण और शुरुआती शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी होती है। ऐसे में भोजन तैयार करने के लिए बेहतर और सुरक्षित रसोई की व्यवस्था होना जरूरी है। लेकिन कारीगडहरी गांव में हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, लंबे समय से आंगनबाड़ी केंद्र की मूलभूत सुविधाओं को लेकर परेशानी बनी हुई है। बच्चों के लिए भोजन तैयार करने के लिए स्थायी रसोई नहीं होने के कारण अस्थायी व्यवस्था का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर जल्द स्थायी रसोई बनाने की मांग की है।
आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए सरकार बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक पोषण संबंधी सेवाएं पहुंचाती है। ऐसे में केंद्र की बुनियादी सुविधाओं में कमी सीधे तौर पर योजनाओं के प्रभावी संचालन पर असर डाल सकती है।
कारीगडहरी की यह तस्वीर सरकारी योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और बच्चों के लिए सुरक्षित रसोई की व्यवस्था कब तक सुनिश्चित की जाती है।

