Samachar Nama
×

बदल रहा निगम का स्टैंड: रहवासी इलाकों में कारोबार पर नरमी, 750 प्रतिष्ठानों की समय सीमा खत्म; सीलिंग नहीं होगी

बदल रहा निगम का स्टैंड: रहवासी इलाकों में कारोबार पर नरमी, 750 प्रतिष्ठानों की समय सीमा खत्म; सीलिंग नहीं होगी

रहवासी क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर नगर निगम का रुख अब बदलता नजर आ रहा है। शहर में ऐसे करीब 750 प्रतिष्ठानों की समय सीमा खत्म हो चुकी है, जिन्हें पहले नियमों के उल्लंघन के चलते नोटिस जारी किए गए थे। लेकिन अब निगम ने इन प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की कार्रवाई नहीं करने का फैसला किया है। साथ ही नए नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी रोक दी गई है।

नगर निगम की इस बदली रणनीति से उन व्यापारियों और प्रतिष्ठान संचालकों को राहत मिली है, जो लंबे समय से कार्रवाई की आशंका में थे। निगम अधिकारियों का कहना है कि मामले को लेकर व्यावहारिक समाधान निकालने पर विचार किया जा रहा है, ताकि शहर की व्यवस्था भी बनी रहे और लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

पहले दी गई थी समय सीमा

रहवासी क्षेत्रों में चल रहे कारोबार को लेकर नगर निगम ने पहले अभियान शुरू किया था। नियमों के अनुसार जिन स्थानों पर आवासीय उपयोग की अनुमति थी, वहां व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वाले प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए गए थे।

इन नोटिसों में कारोबार बंद करने या नियमों के अनुसार प्रक्रिया पूरी करने के लिए समय दिया गया था। समय सीमा पूरी होने के बाद करीब 750 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की स्थिति बन गई थी।

सीलिंग की कार्रवाई से पीछे हटा निगम

समय सीमा समाप्त होने के बावजूद निगम ने अब तक किसी भी प्रतिष्ठान को सील नहीं किया है। इसके अलावा नए नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी बंद कर दी गई है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि निगम फिलहाल सख्त कार्रवाई के बजाय समाधान निकालने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

व्यापारियों का कहना है कि अचानक सीलिंग की कार्रवाई से रोजगार और कारोबार प्रभावित हो सकता था। कई लोगों ने निगम के इस फैसले को राहत देने वाला कदम बताया है।

शहर की जरूरतों को देखते हुए बदलाव

अधिकारियों के अनुसार, कई रहवासी क्षेत्रों में वर्षों से छोटे-बड़े कारोबार संचालित हो रहे हैं। इनमें मेडिकल स्टोर, कार्यालय, दुकानें और अन्य सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठान शामिल हैं। ऐसे में पूरी तरह से कार्रवाई करने के बजाय शहर की वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखकर निर्णय लिया जा रहा है।

निगम प्रशासन के सामने एक तरफ नियमों का पालन कराने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर वर्षों से चल रहे कारोबार और लोगों की आजीविका को भी ध्यान में रखना पड़ रहा है।

आगे की रणनीति पर नजर

नगर निगम अब इस मामले में आगे की रणनीति तैयार कर रहा है। संभावना है कि रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर नई व्यवस्था या नियम बनाए जा सकते हैं, जिससे अवैध निर्माण और कारोबार पर नियंत्रण रखा जा सके।

फिलहाल 750 प्रतिष्ठानों को लेकर सीलिंग कार्रवाई नहीं होने और नए नोटिस बंद होने से व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, आने वाले समय में निगम की नीति और स्पष्ट होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।

Share this story

Tags