फर्जी सैलरी और एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट से बना CEO, भारी-भरकम पैकेज लेकर करता रहा नौकरी; पुलिस ने दबोचा
ऑटोमोबाइल कंपनी में ऊंची पोस्ट और भारी-भरकम सैलरी हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेने वाले एक जालसाज पूर्व सीईओ को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर कथित तौर पर फर्जी सैलरी स्टेटमेंट और फर्जी एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट तैयार कर अपनी योग्यता और पुराने कार्य अनुभव को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का आरोप है। इन दस्तावेजों के आधार पर उसने कंपनी में महत्वपूर्ण पद हासिल किया और मोटी सैलरी भी प्राप्त की।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने नौकरी हासिल करने के लिए अपने पुराने अनुभव और वेतन से संबंधित दस्तावेज तैयार किए थे। भर्ती प्रक्रिया के दौरान इन्हीं दस्तावेजों को कंपनी के सामने पेश किया गया। दस्तावेजों में आरोपी का अनुभव और पिछली नौकरी से मिलने वाली सैलरी वास्तविकता से अलग बताई गई थी। कंपनी ने दस्तावेजों के आधार पर आरोपी को ऊंचे पद पर नियुक्त कर दिया।
नौकरी मिलने के बाद आरोपी को कंपनी की ओर से उसके पद के अनुरूप भारी-भरकम वेतन दिया जाता रहा। कुछ समय तक सबकुछ सामान्य चलता रहा, लेकिन बाद में कंपनी के स्तर पर आरोपी की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों को लेकर संदेह पैदा हुआ। दस्तावेजों की जांच किए जाने पर कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
इसके बाद कंपनी की ओर से मामले की शिकायत पुलिस में की गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने दस्तावेजों की जांच शुरू की और आरोपी के पुराने रोजगार तथा अनुभव से संबंधित जानकारी जुटाई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने कथित तौर पर अपनी प्रोफाइल को मजबूत दिखाने के लिए फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र और सैलरी स्टेटमेंट का इस्तेमाल किया था। इन दस्तावेजों के जरिए उसने कंपनी के अधिकारियों को गुमराह कर ऊंचे पद पर नौकरी हासिल की। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेज खुद तैयार किए थे या किसी अन्य व्यक्ति अथवा गिरोह की मदद ली थी।
जांच एजेंसियां आरोपी के पास से मिले दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर रही हैं। पुलिस इस बात का भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने इससे पहले किसी अन्य कंपनी में भी इसी तरह फर्जी दस्तावेजों के जरिए नौकरी हासिल की थी या नहीं।
फर्जी दस्तावेजों के जरिए नौकरी हासिल करने का यह मामला कॉरपोरेट सेक्टर में भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े करता है। कंपनियां आमतौर पर उम्मीदवारों के अनुभव, पिछली सैलरी और शैक्षणिक योग्यता का सत्यापन करती हैं, लेकिन दस्तावेजों में हेरफेर होने पर फर्जीवाड़ा पकड़ना मुश्किल हो सकता है।
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनका इस्तेमाल करने में आरोपी के साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को भी खंगाल रही है।

