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सावधान! घुटने मोड़कर बैठने की आदत पड़ सकती है भारी, कम उम्र में बढ़ सकता है जोड़ों पर दबाव

सावधान! घुटने मोड़कर बैठने की आदत पड़ सकती है भारी, कम उम्र में बढ़ सकता है जोड़ों पर दबाव

घुटने मोड़कर लंबे समय तक बैठना, खासकर रोजाना एक ही मुद्रा में बैठने की आदत, घुटनों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है। भारतीय घरों में फर्श पर बैठने, पालथी मारने या लंबे समय तक घुटनों को ज्यादा मोड़कर बैठने की आदत आम है। हालांकि, हर व्यक्ति में इससे घुटने खराब होंगे या नी रिप्लेसमेंट की नौबत आएगी, ऐसा कहना सही नहीं है। लेकिन पहले से घुटने की समस्या, चोट, मोटापा या जोड़ों से जुड़ी बीमारी होने पर ऐसी मुद्राएं परेशानी बढ़ा सकती हैं।

ज्यादा देर तक घुटने मोड़कर बैठने से क्या होता है?

जब घुटने को सामान्य चलने-फिरने की तुलना में काफी ज्यादा मोड़ा जाता है, तो घुटने के जोड़ पर दबाव बढ़ सकता है। लंबे समय तक इसी स्थिति में रहने से कुछ लोगों को घुटने में दर्द, अकड़न या उठने-बैठने में परेशानी महसूस हो सकती है।खासकर जिन लोगों को पहले से ऑस्टियोआर्थराइटिस, कार्टिलेज की समस्या या घुटने में चोट है, उन्हें लंबे समय तक घुटने मोड़कर बैठने से तकलीफ बढ़ सकती है।

कम उम्र में घुटने क्यों खराब हो सकते हैं?

घुटनों की सेहत केवल बैठने की मुद्रा पर निर्भर नहीं करती। शरीर का वजन, उम्र, पुरानी चोट, शारीरिक गतिविधि, मांसपेशियों की ताकत, आनुवंशिक कारण और कुछ बीमारियां भी घुटनों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं।कम उम्र में लगातार घुटने में दर्द या सूजन को केवल सामान्य थकान मानकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। बार-बार दर्द होने पर विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी हो सकता है।

क्या नी रिप्लेसमेंट की नौबत आ सकती है?

घुटने मोड़कर बैठने की आदत को सीधे नी रिप्लेसमेंट का कारण मानना सही नहीं है। नी रिप्लेसमेंट आमतौर पर घुटने के जोड़ में गंभीर क्षति और लगातार दर्द जैसी स्थिति में किया जाता है, जब दवाओं, व्यायाम, फिजियोथेरेपी और अन्य उपचारों से पर्याप्त राहत नहीं मिलती।इसलिए केवल घुटने मोड़कर बैठने से किसी व्यक्ति को भविष्य में नी रिप्लेसमेंट की जरूरत पड़ेगी, ऐसा निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

घुटनों को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?

लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठने से बचें। बीच-बीच में उठकर कुछ कदम चलें और शरीर की स्थिति बदलते रहें। नियमित रूप से पैरों और जांघों की मांसपेशियों को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज करना भी मददगार हो सकता है।अगर घुटने में लगातार दर्द, सूजन, लॉक होने की समस्या, सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी या चलने में तकलीफ हो रही है, तो डॉक्टर या ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ से सलाह लें।

सबसे जरूरी बात यह है कि घुटने मोड़कर बैठना हर व्यक्ति के लिए नुकसानदायक नहीं है। समस्या मुख्य रूप से अत्यधिक, लंबे समय तक या दर्द के बावजूद उसी मुद्रा में रहने से हो सकती है। घुटनों की स्थिति व्यक्ति की उम्र, वजन, चोट और पहले से मौजूद बीमारी जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है।

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