मध्य प्रदेश में कैंसर का बढ़ता खतरा: रोज 133 मौतें और 242 नए मरीज, हर घंटे 10 लोग हो रहे बीमारी के शिकार
मध्य प्रदेश में कैंसर के मामले चिंता बढ़ाने वाले हैं। कैंसर रजिस्ट्री के आधार पर वर्ष 2025 के आंकड़ों में प्रदेश में रोजाना औसतन 133 लोगों की कैंसर से मौत होने और 242 नए मरीज सामने आने का अनुमान लगाया गया है। इन आंकड़ों के मुताबिक, हर घंटे करीब 10 नए लोग कैंसर की चपेट में आ रहे हैं, जबकि पांच से ज्यादा लोगों की जान जा रही है।
हालांकि, ये आंकड़े कैंसर की वास्तविक स्थिति की पूरी तस्वीर नहीं दिखाते। रजिस्ट्री में दर्ज मामलों के आधार पर तैयार अनुमान और प्रदेश में कैंसर से प्रभावित लोगों की वास्तविक संख्या के बीच अंतर हो सकता है। ऐसे में कैंसर का असली बोझ इन आंकड़ों से अधिक होने की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
हर घंटे सामने आ रहे करीब 10 नए मरीज
2025 के अनुमानित आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 242 नए कैंसर मरीज सामने आ रहे हैं। इस हिसाब से हर घंटे लगभग 10 लोगों में कैंसर की पहचान होने का अनुमान है। वहीं, रोजाना 133 मौतों का आंकड़ा बताता है कि प्रदेश में कैंसर के कारण होने वाली मौतें भी गंभीर चिंता का विषय हैं।
आंकड़ों से आगे भी है चुनौती
कैंसर के मामलों में समय पर पहचान और इलाज बेहद महत्वपूर्ण है। बीमारी की शुरुआती अवस्था में जांच और उपचार मिलने से मरीज के बेहतर होने की संभावना बढ़ सकती है। इसके बावजूद जागरूकता की कमी, जांच में देरी और इलाज तक पहुंच जैसी चुनौतियां कैंसर के खिलाफ लड़ाई को मुश्किल बनाती हैं।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में कैंसर रजिस्ट्री के आंकड़ों का आधार बताया गया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि वास्तविक संख्या अनुमान से कितनी अलग हो सकती है। यही वजह है कि कैंसर के मामलों की सही तस्वीर सामने लाने के लिए बेहतर पंजीकरण, समय पर जांच और जागरूकता पर जोर देना जरूरी है।

