रक्षाबंधन पर फ्लाइट के बराबर बसों का किराया: भोपाल-इंदौर से सफर तीन गुना महंगा, सरकार की 40% किराया बढ़ोतरी का भी असर
रक्षाबंधन के त्योहार से पहले मध्य प्रदेश में बस यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। त्योहार पर घर जाने वाले यात्रियों को सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना ज्यादा किराया चुकाना पड़ रहा है। भोपाल और इंदौर से प्रदेश के अलग-अलग शहरों के लिए बसों का किराया इतना बढ़ गया है कि कुछ रूट पर यात्रियों को फ्लाइट टिकट के बराबर रकम खर्च करनी पड़ रही है।
त्योहार के चलते बसों में यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ गई है। इसका फायदा उठाते हुए कई निजी बस संचालकों द्वारा सामान्य किराए से कई गुना अधिक राशि वसूलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। कुछ प्रमुख रूट पर किराया सामान्य दिनों की तुलना में करीब तीन गुना तक पहुंच गया है।
रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए दूसरे शहरों और गांवों की ओर जाते हैं। भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों से आसपास के जिलों के लिए बसों में सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिल रही है। यात्रियों की बढ़ती मांग के बीच बसों की सीटें तेजी से फुल हो रही हैं और किराए में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
यात्रियों का कहना है कि त्योहार के समय परिवार के साथ घर जाना जरूरी है, लेकिन बढ़े हुए किराए ने बजट बिगाड़ दिया है। कई लोगों का कहना है कि जिस रूट पर सामान्य दिनों में कुछ सौ रुपए किराया लगता है, उसी रूट पर अब कई गुना ज्यादा राशि मांगी जा रही है।
इस बढ़े हुए किराए का एक कारण इसी महीने सरकार द्वारा बस किराए में की गई करीब 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी भी बताई जा रही है। सरकारी किराया बढ़ने के बाद बस ऑपरेटरों के लिए नई दरें लागू हुई हैं। हालांकि त्योहार के दौरान कुछ निजी ऑपरेटर निर्धारित किराए से भी अधिक वसूली कर रहे हैं तो यह अलग मामला है।
यात्रियों ने परिवहन विभाग से मांग की है कि त्योहार के दौरान बस किराए की निगरानी की जाए और मनमानी वसूली करने वाले ऑपरेटरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। यात्रियों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें महंगा टिकट खरीदना पड़ रहा है।
परिवहन विभाग के सामने चुनौती यह भी है कि त्योहार के दौरान यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ने से अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करना जरूरी हो जाता है। यदि पर्याप्त बसें उपलब्ध नहीं होतीं तो सीमित सीटों के कारण निजी ऑपरेटरों पर यात्रियों की निर्भरता बढ़ जाती है।
रक्षाबंधन के दौरान रेलवे में भी यात्रियों की भारी भीड़ रहती है। ऐसे में जिन यात्रियों को ट्रेन में टिकट नहीं मिल पाता, वे बस से यात्रा करने को मजबूर होते हैं। इसका असर बसों के किराए पर भी दिखाई देता है।
यात्रियों का कहना है कि सरकार को त्योहारों के दौरान किराया नियंत्रित करने के साथ पर्याप्त संख्या में बसों का संचालन सुनिश्चित करना चाहिए। खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और परिवार के साथ यात्रा करने वाले लोगों को राहत मिलनी चाहिए।
फिलहाल रक्षाबंधन से पहले भोपाल और इंदौर से चलने वाली कई बसों में सीटों की मांग बढ़ गई है। किराए में हुई बढ़ोतरी के कारण यात्रियों के सामने महंगे सफर का विकल्प रह गया है। अब देखना होगा कि परिवहन विभाग मनमाना किराया वसूलने वाले ऑपरेटरों पर कितनी सख्ती करता है।

