उज्जैन में महामंडलेश्वर ज्योति गिरि के आश्रम पर चला बुलडोजर, सिंहस्थ भूमि पर बना जी प्लस-3 भवन ढहाया
मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। शुक्रवार, 16 अक्टूबर को नगर निगम की टीम ने जूना अखाड़े से जुड़े महामंडलेश्वर ज्योति गिरि के हरियाणा सेवा आश्रम में बने जी प्लस-3 भवन को बुलडोजर चलाकर ढहा दिया। यह निर्माण सिंहस्थ क्षेत्र की जमीन पर किया गया था। कार्रवाई के दौरान भारी मशीनों की मदद ली गई।
सुबह-सुबह आश्रम पहुंची नगर निगम की टीम
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, नगर निगम की टीम शुक्रवार तड़के आश्रम परिसर पहुंची और भवन को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान चार पोकलेन मशीनों और एक जेसीबी का इस्तेमाल किया गया। कार्रवाई कई घंटों तक चली। आश्रम परिसर में बने नए भवन को ढहाया गया, जबकि पुराना हिस्सा बरकरार रखा गया।रिपोर्ट के अनुसार, महामंडलेश्वर ज्योति गिरि कार्रवाई के समय आश्रम में मौजूद नहीं थे।
होटल जैसी इमारत बनाने का आरोप
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, आश्रम परिसर में होटल जैसी सुविधाओं वाला चार मंजिला भवन बनाया गया था। निर्माण को लेकर पहले दो बार नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद निर्माण नहीं हटाए जाने पर नगर निगम ने कार्रवाई की।प्रशासन का कहना है कि सिंहस्थ क्षेत्र में निर्धारित नियमों के विरुद्ध किए गए स्थायी निर्माणों को हटाया जा रहा है। हालांकि, भवन से संबंधित सभी तकनीकी और कानूनी विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से नहीं होती।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद कार्रवाई
रिपोर्टों के मुताबिक, सिंहस्थ क्षेत्र में निर्माण से जुड़ा मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा था। अदालत के निर्देश के बाद नगर निगम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज की। प्रशासन का उद्देश्य सिंहस्थ मेले के लिए आरक्षित जमीन को खाली कराना और आयोजन की तैयारियों के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराना है।
सिंहस्थ 2028 के लिए खाली कराई जा रही जमीन
उज्जैन में वर्ष 2028 में सिंहस्थ कुंभ का आयोजन होना है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और साधु-संतों के पहुंचने की संभावना है। मेले के लिए शिविरों, टेंट, पार्किंग और श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए व्यापक स्थान की जरूरत होगी। इसी कारण प्रशासन सिंहस्थ क्षेत्र में बने स्थायी निर्माणों की पहचान कर उन्हें हटाने का अभियान चला रहा है।इससे पहले भी उज्जैन के विभिन्न आश्रमों और अन्य परिसरों में बने निर्माणों पर कार्रवाई की जा चुकी है। हरियाणा सेवा आश्रम के जी प्लस-3 भवन को ढहाए जाने के बाद अब सिंहस्थ क्षेत्र में आगे होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

