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हेलीपैड की जमीन पर बना लिया मकान, खेती भी शुरू कर दी; प्रशासन ने 60 लाख की जमीन से हटाया कब्जा

हेलीपैड की जमीन पर बना लिया मकान, खेती भी शुरू कर दी; प्रशासन ने 60 लाख की जमीन से हटाया कब्जा

सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। हेलीपैड के लिए आरक्षित करीब 60 लाख रुपए कीमत की जमीन पर एक व्यक्ति ने मकान बना लिया और जमीन के हिस्से में खेती भी शुरू कर दी। प्रशासन को इसकी जानकारी मिलने के बाद राजस्व विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। जमीन को अब अतिक्रमण मुक्त कराकर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए यहां हेलीपैड बनाने की तैयारी है।

जानकारी के अनुसार, संबंधित जमीन को प्रशासन ने हेलीपैड निर्माण के लिए आरक्षित किया था। यह जमीन क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना का हिस्सा है। लंबे समय से जमीन पर अतिक्रमण होने के कारण प्रस्तावित हेलीपैड की योजना प्रभावित हो रही थी। अतिक्रमणकारी ने जमीन के एक हिस्से में मकान का निर्माण कर लिया था, जबकि आसपास के क्षेत्र में खेती भी की जा रही थी।

मामले की जानकारी प्रशासन को मिलने के बाद जमीन के दस्तावेजों की जांच की गई। राजस्व अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर जमीन की स्थिति देखी। जांच में जमीन के सरकारी उपयोग के लिए आरक्षित होने की पुष्टि के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।

प्रशासन की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान जमीन पर बनाए गए मकान और खेती के लिए किए गए कब्जे को हटाया गया। इसके बाद करीब 60 लाख रुपए मूल्य की सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। कार्रवाई के बाद जमीन को प्रशासन के कब्जे में ले लिया गया।

प्रशासन के अनुसार, जमीन पर प्रस्तावित हेलीपैड का निर्माण पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जाना है। हेलीपैड बनने के बाद पर्यटकों और अन्य लोगों के लिए क्षेत्र तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। इससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसी जमीनों पर अतिक्रमण की शिकायत मिलने पर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने जमीन की सीमाओं का भी निरीक्षण किया। भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए जमीन की निगरानी और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था करने की बात कही गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हेलीपैड का निर्माण महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इससे बाहर से आने वाले पर्यटकों और अन्य आगंतुकों को सुविधा मिलेगी। लंबे समय से प्रस्तावित योजना के लिए जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराए जाने के बाद अब निर्माण कार्य आगे बढ़ने की उम्मीद है।

फिलहाल प्रशासन ने सरकारी जमीन से कब्जा हटाकर उसे अपने नियंत्रण में ले लिया है। अब संबंधित विभाग हेलीपैड निर्माण की आगामी प्रक्रिया पूरी करेंगे। 60 लाख रुपए की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई के बाद प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए आरक्षित सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

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