उज्जैन में दीपोत्सव से पहले संतों से मिले BJP अध्यक्ष नितिन नवीन, सिंहस्थ की तैयारियों और अखाड़ा परिषद पर चर्चा
उज्जैन में दीपोत्सव से पहले गुरुवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन संतों और अखाड़ों का आशीर्वाद लेने पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ शहर के प्रमुख अखाड़ों में जाकर संतों से मुलाकात की। इस दौरान आगामी सिंहस्थ की तैयारियों समेत अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर चल रहे मतभेदों पर भी चर्चा हुई।
नितिन नवीन सबसे पहले बड़ा उदासीन अखाड़े पहुंचे। यहां उन्होंने अखाड़े के महंत सत्यानंद महाराज से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद भाजपा अध्यक्ष दत्त अखाड़े पहुंचे, जहां उन्होंने गादीपति पीर श्रीमहंत सुंदरपुरी महाराज से भेंट की। दोनों स्थानों पर संतों के साथ धार्मिक और समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई।
सिंहस्थ की तैयारियों पर हुई चर्चा
उज्जैन में आगामी सिंहस्थ को देखते हुए प्रशासन और सरकार की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। भाजपा अध्यक्ष के संतों से मुलाकात के दौरान सिंहस्थ की व्यवस्थाओं और उससे जुड़े विभिन्न विषयों पर भी बातचीत हुई।
सिंहस्थ उज्जैन का प्रमुख धार्मिक आयोजन है, जिसमें देशभर से साधु-संत, अखाड़े और श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे में अखाड़ों और संतों की भूमिका आयोजन की व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण रहती है।
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद का मुद्दा भी उठा
मुलाकात के दौरान अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर चल रहे मतभेदों का मुद्दा भी चर्चा में आया। अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों के बीच अध्यक्ष पद को लेकर अलग-अलग राय सामने आती रही है। ऐसे में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष की संतों से मुलाकात के दौरान इस विषय पर चर्चा को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि मुलाकात के बाद इस मुद्दे पर किसी निर्णय या सहमति की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष भी रहे मौजूद
नितिन नवीन के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद रहे। तीनों नेताओं ने संतों से मुलाकात कर धार्मिक आयोजन और उज्जैन से जुड़े विषयों पर बातचीत की। दीपोत्सव से पहले भाजपा अध्यक्ष का संतों से मिलना धार्मिक और संगठनात्मक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण दौरे के तौर पर देखा जा रहा है।

