रातापानी टाइगर रिजर्व के बफर जोन में अवैध खनन का बड़ा खुलासा, बुदनी के पास माफिया ने पहाड़ तक खोद डाले
मध्य प्रदेश के बुदनी के समीप खंडाबढ़ स्थित रातापानी टाइगर रिजर्व के बफर जोन में अवैध खनन का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि खनन माफिया ने संरक्षित क्षेत्र के बफर जोन में बड़े पैमाने पर खुदाई कर पहाड़ियों तक को नुकसान पहुंचा दिया। इस खुलासे के बाद वन विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
बफर जोन में बड़े पैमाने पर अवैध खनन
जानकारी के अनुसार, रातापानी टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन की गतिविधियां चल रही थीं। आरोप है कि माफिया ने भारी मशीनों की मदद से पहाड़ियों को काटकर खनिज का अवैध उत्खनन किया, जिससे प्राकृतिक संरचना को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार हो रहे खनन से पर्यावरण और वन्यजीवों के आवास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
पर्यावरण और वन्यजीवों पर खतरा
रातापानी टाइगर रिजर्व जैव विविधता और वन्यजीवों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बफर जोन में अवैध खनन से जंगल का पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ सकता है और बाघ सहित अन्य वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर असर पड़ सकता है।
इसके अलावा पहाड़ियों की खुदाई से मिट्टी का कटाव और जल स्रोतों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है।
कार्रवाई की मांग तेज
मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि संरक्षित क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां वन संरक्षण कानूनों का उल्लंघन हैं और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
प्रशासन और वन विभाग पर उठे सवाल
अवैध खनन के आरोपों के बाद यह सवाल भी उठ रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी गतिविधियां लंबे समय तक कैसे चलती रहीं। लोगों ने संबंधित विभागों से पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल मामले की जांच की प्रक्रिया जारी है। जांच में यदि अवैध खनन और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि संरक्षित वन क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

