भोपाल ISBT अग्निकांड: 8 बसों में आग लगने के बाद अहम साक्ष्य हटाने का आरोप, जांच से पहले उठे सवाल
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के गोविंदपुरा स्थित अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) परिसर में रविवार शाम वर्मा ट्रेवल्स की आठ बसों में लगी आग की जांच को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम के घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाने से पहले ही वहां से कुछ अहम साक्ष्य हटा दिए गए। इससे जांच की प्रक्रिया और घटनास्थल की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
रविवार शाम करीब 6:46 बजे हुई इस घटना में आठ बसें आग की चपेट में आ गई थीं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, चार बसें पूरी तरह जल गईं, जबकि चार अन्य बसों को भी नुकसान पहुंचा। आग बुझाने के लिए दमकल की 10 गाड़ियों को लगाया गया था। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली।
FSL जांच से पहले साक्ष्य हटने का आरोप
घटना के बाद गोविंदपुरा थाना प्रभारी अवधेश तोमर ने मामले की जांच के लिए FSL टीम से घटनास्थल पर साक्ष्य एकत्र कराने की प्रक्रिया शुरू की। हालांकि, जांच शुरू होने से पहले ही अहम साक्ष्य हटाए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि घटनास्थल को जांच पूरी होने तक सुरक्षित क्यों नहीं रखा गया और वहां मौजूद संभावित साक्ष्यों को किसने हटाया।
फॉरेंसिक जांच में घटनास्थल पर मौजूद जले हुए हिस्सों, बिजली के उपकरणों, तारों और अन्य भौतिक साक्ष्यों की पड़ताल की जा सकती है। इनसे आग लगने के संभावित कारणों का पता लगाने में मदद मिलती है। हालांकि, साक्ष्य हटाए जाने के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और यह स्पष्ट होना बाकी है कि वास्तव में कौन-से साक्ष्य हटाए गए।
आठ बसों तक कैसे पहुंची आग?
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आग सबसे पहले एक बस में लगी और फिर पास खड़ी अन्य बसों तक फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना के दौरान धमाके जैसी आवाज सुनाई देने की बात भी कही थी। आग तेजी से फैलने के कारण वर्मा ट्रेवल्स की आठ बसें इसकी चपेट में आ गईं।
आग लगने के कारणों को लेकर शॉर्ट सर्किट सहित कई संभावनाओं की जांच की जा रही है। बस के भीतर खाना बनाए जाने की आशंका का भी जिक्र सामने आया है, लेकिन किसी एक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की मदद से घटनाक्रम का पता लगाने में जुटी है।
बस सेवाओं पर भी पड़ा असर
अग्निकांड में प्रभावित बसें सूरत, अहमदाबाद, पुणे, नागपुर और मध्य प्रदेश के कई शहरों के मार्गों पर संचालित होती थीं। घटना के बाद संबंधित बसों की यात्राएं रद्द करनी पड़ीं, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई। बसों को हुए आर्थिक नुकसान का अंतिम आकलन भी जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगा।
जांच में इन सवालों के जवाब जरूरी
अब जांच में यह पता लगाना अहम होगा कि आग किस वजह से लगी, घटनास्थल से साक्ष्य हटाए जाने के आरोप कितने सही हैं और क्या इससे फॉरेंसिक जांच प्रभावित हुई है। साथ ही, ISBT परिसर में आग बुझाने के इंतजामों और सुरक्षा व्यवस्था की भी पड़ताल जरूरी है।
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। FSL रिपोर्ट, CCTV फुटेज और पुलिस की जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

