Samachar Nama
×

भोजशाला विवाद: मुस्लिम पक्ष की पांच याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई, हाईकोर्ट के फैसले को दी गई चुनौती

भोजशाला विवाद: मुस्लिम पक्ष की पांच याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई, हाईकोर्ट के फैसले को दी गई चुनौती

मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला विवाद से जुड़े मामले में 29 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है। मुस्लिम पक्ष की ओर से दायर पांच याचिकाओं पर शीर्ष अदालत में सुनवाई होनी है। ये याचिकाएं मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ के 15 मई 2026 को दिए गए फैसले के खिलाफ दायर की गई हैं। इस सुनवाई पर विवाद से जुड़े पक्षों की निगाहें टिकी हुई हैं।

भोजशाला विवाद लंबे समय से धार्मिक और कानूनी चर्चा का विषय रहा है। इस मामले में दोनों पक्षों के दावों और परिसर के धार्मिक स्वरूप को लेकर विवाद है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं के जरिए मुस्लिम पक्ष ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। अब शीर्ष अदालत में होने वाली सुनवाई के दौरान याचिकाओं में उठाए गए कानूनी सवाल महत्वपूर्ण रहेंगे।

भोजशाला विवाद में सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई: मुस्लिम पक्ष की पांच याचिकाओं पर होगी सुनवाई, हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती

मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद में 29 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है। मुस्लिम पक्ष की ओर से दायर पांच याचिकाएं शीर्ष अदालत के समक्ष रखी जानी हैं। इन याचिकाओं के जरिए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ के 15 मई 2026 के फैसले को चुनौती दी गई है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

15 मई को हाईकोर्ट ने सुनाया था फैसला

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने 15 मई 2026 को भोजशाला विवाद पर अपना फैसला सुनाया था। अदालत ने ऐतिहासिक परिसर के धार्मिक स्वरूप को भोजशाला और मां वाग्देवी यानी मां सरस्वती के मंदिर के रूप में माना था। साथ ही, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के 7 अप्रैल 2003 के उस आदेश के संबंधित प्रावधानों को निरस्त कर दिया था, जिनके तहत परिसर में हिंदुओं की पूजा और मुस्लिम समुदाय की नमाज की व्यवस्था निर्धारित थी। अदालत ने मुस्लिम समुदाय को धार जिले में मस्जिद या नमाज के लिए वैकल्पिक जमीन आवंटित करने के संबंध में राज्य सरकार के समक्ष आवेदन देने का विकल्प भी दिया था।

मुस्लिम पक्ष ने फैसले को दी चुनौती

हाईकोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिम पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गईं। इन याचिकाओं के माध्यम से हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए कानूनी राहत मांगी गई है। अब शीर्ष अदालत में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की दलीलें और उठाए गए कानूनी सवाल महत्वपूर्ण होंगे।

भोजशाला परिसर को लेकर हिंदू और मुस्लिम पक्ष के दावे अलग-अलग रहे हैं। हिंदू पक्ष इसे मां वाग्देवी का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद से जुड़ा स्थल मानता है। इसी धार्मिक स्वरूप और पूजा-अर्चना के अधिकारों को लेकर विवाद लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया में है।

सुनवाई पर टिकी निगाहें

29 अक्टूबर को प्रस्तावित सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पांचों याचिकाओं से जुड़े मुद्दे आ सकते हैं। हालांकि, सुनवाई के दौरान अदालत क्या आदेश देती है और मामले में आगे की प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ती है, यह उसके आदेश पर निर्भर करेगा।

भोजशाला विवाद मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और कानूनी मामलों में शामिल है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही पर दोनों पक्षों के साथ-साथ इस मामले पर नजर रखने वाले लोगों की निगाहें भी टिकी हुई हैं।

Share this story

Tags