भोज वेटलैंड अतिक्रमण मामला: NGT की भोपाल नगर निगम पर सख्ती, 20 हजार रुपये का जुर्माना
भोज वेटलैंड में अवैध अतिक्रमण और निर्माण के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने भोपाल नगर निगम की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई है। ट्रिब्यूनल ने कहा कि पांच बार अवसर देने और लगातार निर्देश जारी करने के बावजूद नगर निगम न तो कार्रवाई (एक्शन टेकन) रिपोर्ट प्रस्तुत कर सका और न ही संतोषजनक जवाब दाखिल किया। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए एनजीटी की सेंट्रल जोन बेंच ने नगर निगम पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
मामला भोज वेटलैंड क्षेत्र में कथित अवैध अतिक्रमण और निर्माण से जुड़ा है, जिसे लेकर ट्रिब्यूनल पहले भी नगर निगम को आवश्यक कार्रवाई करने और उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दे चुका था। इसके बावजूद नगर निगम निर्धारित समय सीमा में अपेक्षित जानकारी उपलब्ध नहीं करा सका।
सुनवाई के दौरान एनजीटी ने नगर निगम के रवैये पर असंतोष जताते हुए कहा कि बार-बार मौका दिए जाने के बाद भी आदेशों का पालन नहीं किया गया। ट्रिब्यूनल ने इसे प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए आर्थिक दंड लगाया और स्पष्ट किया कि न्यायिक आदेशों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जा सकती।
एनजीटी ने नगर निगम को निर्देश दिए हैं कि भोज वेटलैंड क्षेत्र में हुए अवैध अतिक्रमण और निर्माण के संबंध में प्रभावी कार्रवाई करते हुए विस्तृत रिपोर्ट निर्धारित समय में प्रस्तुत की जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि अतिक्रमण हटाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
भोज वेटलैंड भोपाल की महत्वपूर्ण जल संरचनाओं में शामिल है और पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में यहां अवैध निर्माण और अतिक्रमण को लेकर समय-समय पर चिंता जताई जाती रही है। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि वेटलैंड क्षेत्र में अनियंत्रित निर्माण से जल संरक्षण, जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
एनजीटी के इस आदेश के बाद अब नगर निगम पर जल्द कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का दबाव बढ़ गया है। माना जा रहा है कि आने वाली सुनवाई में ट्रिब्यूनल नगर निगम द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा करेगा और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी सख्त निर्देश जारी कर सकता है।

