ऑडिट में उजागर हुईं 108 एंबुलेंस सेवा की खामियां, कंपनी को नोटिस; 7 दिन में मांगा जवाब
प्रदेश में संचालित 108 एंबुलेंस सेवा की व्यवस्थाओं पर किए गए ऑडिट में कई गंभीर कमियां सामने आई हैं। जांच में पाया गया कि कई एंबुलेंस आवश्यक संसाधनों और उपकरणों के बिना ही संचालित की जा रही थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कंपनी को नोटिस जारी किया गया है और सात दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जरूरी उपकरणों और संसाधनों की कमी
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, कई एंबुलेंस में आवश्यक चिकित्सा उपकरण, आपातकालीन संसाधन और अन्य जरूरी सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध नहीं थीं। इससे आपात स्थिति में मरीजों को समय पर और बेहतर चिकित्सा सहायता मिलने पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सेवा गुणवत्ता पर उठे सवाल
जांच के दौरान एंबुलेंस संचालन, रखरखाव और संसाधनों की उपलब्धता से जुड़े कई बिंदुओं पर अनियमितताएं सामने आईं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ वाहनों में आवश्यक व्यवस्थाओं का अभाव सेवा की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है।
कंपनी को कारण बताओ नोटिस
स्वास्थ्य विभाग ने ऑडिट में सामने आई कमियों के आधार पर सेवा संचालित करने वाली कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कंपनी से सात दिनों के भीतर विस्तृत जवाब और सुधारात्मक कार्रवाई की जानकारी मांगी गई है।
सुधार के निर्देश
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि एंबुलेंस सेवा जैसी आपातकालीन व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। कंपनी को सभी वाहनों में आवश्यक उपकरण और संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि 108 एंबुलेंस सेवा आम नागरिकों के लिए जीवनरक्षक व्यवस्था है। इसलिए इसकी गुणवत्ता, उपलब्धता और कार्यक्षमता सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। ऑडिट में मिली कमियों को दूर करने के लिए आगे भी निगरानी जारी रहेगी।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने या सुधार नहीं होने की स्थिति में संबंधित कंपनी के खिलाफ आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।

