Samachar Nama
×

मंदसौर कलेक्टर के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर ठगी की कोशिश: लोगों से पैसों की मांग, प्रशासन ने जारी की चेतावनी

मंदसौर कलेक्टर के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर ठगी की कोशिश: लोगों से पैसों की मांग, प्रशासन ने जारी की चेतावनी

मंदसौर कलेक्टर दिव्यांक सिंह के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर सोशल मीडिया पर फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर ठगी करने का मामला सामने आया है। इस फर्जी प्रोफाइल के जरिए लोगों से पैसों की मांग की जा रही थी। मंगलवार देर रात मामले का खुलासा होने के बाद जिला प्रशासन ने आमजन को सतर्क रहने और किसी भी तरह के आर्थिक लेनदेन से बचने की अपील की है।

प्रशासन के अनुसार, साइबर ठगों ने कलेक्टर दिव्यांक सिंह की फोटो और नाम का इस्तेमाल कर फेसबुक पर एक नकली प्रोफाइल तैयार की। इसके बाद इस आईडी से लोगों को मैसेज भेजकर विभिन्न बहानों से पैसों की मांग की जा रही थी। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने तुरंत लोगों को अलर्ट किया।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कलेक्टर या कोई भी सरकारी अधिकारी सोशल मीडिया के माध्यम से किसी व्यक्ति से निजी तौर पर पैसे नहीं मांगता। यदि किसी को कलेक्टर के नाम से मैसेज, कॉल या सोशल मीडिया पर धनराशि भेजने का अनुरोध मिलता है, तो उस पर बिल्कुल भी विश्वास न करें।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि ऐसी किसी भी संदिग्ध फेसबुक आईडी, मैसेज या ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर सेल को दें। साथ ही फर्जी प्रोफाइल की रिपोर्ट फेसबुक पर भी करें, ताकि उसे जल्द से जल्द हटाया जा सके।

अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर किसी भी व्यक्ति की पहचान की पुष्टि किए बिना पैसे भेजने से बचना चाहिए। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले की जांच की जा रही है और फर्जी आईडी संचालित करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ साइबर कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और अफवाहों या फर्जी संदेशों के झांसे में न आएं।

मंदसौर कलेक्टर दिव्यांक सिंह के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर सोशल मीडिया पर फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर ठगी करने का मामला सामने आया है। इस फर्जी प्रोफाइल के जरिए लोगों से पैसों की मांग की जा रही थी। मंगलवार देर रात मामले का खुलासा होने के बाद जिला प्रशासन ने आमजन को सतर्क रहने और किसी भी तरह के आर्थिक लेनदेन से बचने की अपील की है।

प्रशासन के अनुसार, साइबर ठगों ने कलेक्टर दिव्यांक सिंह की फोटो और नाम का इस्तेमाल कर फेसबुक पर एक नकली प्रोफाइल तैयार की। इसके बाद इस आईडी से लोगों को मैसेज भेजकर विभिन्न बहानों से पैसों की मांग की जा रही थी। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने तुरंत लोगों को अलर्ट किया।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कलेक्टर या कोई भी सरकारी अधिकारी सोशल मीडिया के माध्यम से किसी व्यक्ति से निजी तौर पर पैसे नहीं मांगता। यदि किसी को कलेक्टर के नाम से मैसेज, कॉल या सोशल मीडिया पर धनराशि भेजने का अनुरोध मिलता है, तो उस पर बिल्कुल भी विश्वास न करें।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि ऐसी किसी भी संदिग्ध फेसबुक आईडी, मैसेज या ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर सेल को दें। साथ ही फर्जी प्रोफाइल की रिपोर्ट फेसबुक पर भी करें, ताकि उसे जल्द से जल्द हटाया जा सके।

अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर किसी भी व्यक्ति की पहचान की पुष्टि किए बिना पैसे भेजने से बचना चाहिए। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले की जांच की जा रही है और फर्जी आईडी संचालित करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ साइबर कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और अफवाहों या फर्जी संदेशों के झांसे में न आएं।

Share this story

Tags