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लाटरी और सोना-चांदी के लालच में फंसी आशा कार्यकर्ता, साइबर ठगों ने चार लाख की ठगी की

लाटरी और सोना-चांदी के लालच में फंसी आशा कार्यकर्ता, साइबर ठगों ने चार लाख की ठगी की

बरगी थाना क्षेत्र में कार्यरत एक आशा कार्यकर्ता साइबर ठगी का शिकार हो गई। ठगों ने उसे करोड़ों रुपये की लॉटरी और सोना-चांदी मिलने का झांसा देकर चार लाख रुपये ठग लिए। ठगी का शिकार हुई महिला लालच में लगातार आरोपितों के संपर्क में बनी रही, और जब परिवार वालों ने बैंक ट्रांजेक्शन को लेकर सवाल पूछे, तो वह घबराकर घर से भाग गई।

यह मामला न केवल साइबर ठगी की एक और भयावह तस्वीर पेश करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे सामान्य तबके के लोग भी बड़े जाल में फंस जाते हैं, जब लालच और भ्रम का सहारा लिया जाता है।

कैसे रची गई ठगी की स्क्रिप्ट?

सूत्रों के अनुसार, आशा कार्यकर्ता को एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को एक बड़े कंपनी समूह का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि उसने एक लकी ड्रॉ में हिस्सा लिया था, जिसमें उसे करोड़ों रुपये नकद, सोने की ईंटें और चांदी के सिक्के जीतने को मिले हैं।

इस इनाम को पाने के लिए ठगों ने पहले रजिस्ट्रेशन फीस, फिर जीएसटी, ट्रांसपोर्ट चार्ज, और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर महिला से किस्तों में करीब चार लाख रुपये ऐंठ लिए। महिला ने यह रकम ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए विभिन्न खातों में जमा की।

परिजनों ने की पूछताछ, महिला हुई फरार

जब आशा कार्यकर्ता के परिजनों ने बैंक स्टेटमेंट में इतने बड़े ट्रांजेक्शन देखे, तो उन्होंने महिला से पूछताछ शुरू की। शुरुआत में वह टालती रही, लेकिन जब सवाल बढ़ने लगे, तो वह घर से बिना बताए कहीं चली गई।

पुलिस के अनुसार, महिला अब भी ठगों के संपर्क में है, क्योंकि उसे विश्वास है कि उसे सोना और पैसा मिलेगा। फिलहाल, परिजन उसकी तलाश में जुटे हैं और मामले की शिकायत बरगी थाना में दर्ज कराई गई है।

साइबर पुलिस कर रही जांच

बरगी पुलिस ने मामला साइबर सेल को सौंप दिया है। ट्रांजेक्शन डिटेल्स, कॉल रिकॉर्ड्स और बैंक खातों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिन खातों में पैसा ट्रांसफर किया गया, वे उत्तर प्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों में रजिस्टर्ड हैं — जो साइबर ठगी के लिए कुख्यात माने जाते हैं।

भरोसे और लालच का घातक मेल

इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कैसे साइबर ठग आम लोगों को उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति का फायदा उठाकर शिकार बनाते हैं। आशा कार्यकर्ता जैसे लोग, जो दिन-रात ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में लगे रहते हैं, टेक्नोलॉजी की जानकारी के अभाव और आर्थिक सपनों के लालच में आसानी से ठगी के जाल में फंस जाते हैं।

प्रशासन और साइबर एक्सपर्ट्स की अपील

साइबर विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की लॉटरी, इनाम, या सोना-चांदी जैसी स्कीमों से जुड़े कॉल्स और मैसेज पर कभी भरोसा न करें। कोई भी प्रतिष्ठित संस्था कभी फोन करके पैसे की मांग नहीं करती।

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