BJP उम्मीदवार घोषित होते ही बवाल, वीडियो में जाने समर्थकों के प्रदर्शन के बाद जिले में धारा 163 लागू
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के कुछ समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और कई स्थानों पर पथराव, चक्काजाम तथा पुलिस के साथ झड़प की घटनाएं सामने आईं।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने शनिवार सुबह पूरे दतिया जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी। इसके तहत बिना प्रशासनिक अनुमति किसी भी सभा, जुलूस, धरना-प्रदर्शन और सार्वजनिक आयोजन पर रोक लगा दी गई है। साथ ही पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
30 जुलाई को होना है मतदान
दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान होना है। भाजपा ने इस सीट से आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार बनाया है। उम्मीदवार की घोषणा के बाद पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली, जिसके चलते विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।प्रशासन ने एहतियात के तौर पर संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात कर दिया है और कानून-व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है।
नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से की शांति बनाए रखने की अपील
विवाद के बीच नरोत्तम मिश्रा ने अपने समर्थकों से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार चयन पार्टी का निर्णय है और सभी कार्यकर्ताओं को उसका सम्मान करना चाहिए।उन्होंने कहा, "मैंने कल भी विस्तार से कहा था और आज भी कह रहा हूं कि यह पार्टी का निर्णय है। सोशल मीडिया पर मुझे कुछ वीडियो दिखाए गए, जिनमें पेट्रोल और मिट्टी का तेल डालने जैसी बातें दिखाई गईं। मैं सभी कार्यकर्ताओं से कहना चाहता हूं कि ऐसा कोई काम नहीं करना है।"उन्होंने आगे कहा कि पार्टी के भीतर अपनी बात रखने का एक तय मंच और तरीका होता है। सड़क पर विरोध या कानून हाथ में लेना उचित नहीं है। उन्होंने दोहराया कि किसी भी स्थिति में सड़क जाम या सार्वजनिक व्यवस्था बाधित नहीं की जानी चाहिए।
प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने जिले में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।दतिया उपचुनाव को लेकर अब राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखते हुए निष्पक्ष और सुरक्षित मतदान सुनिश्चित करना है।

