दतिया उपचुनाव के बीच भाजपा के प्रचार वाहन में तोड़फोड़ का आरोप, उदगंवा में तनाव; पुलिस जांच में जुटी
मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव के बीच रविवार शाम राजनीतिक माहौल गरमा गया। जिगना थाना क्षेत्र के उदगंवा गांव में भाजपा के चुनाव प्रचार वाहन के साथ तोड़फोड़ की घटना सामने आई है। भाजपा की ओर से आरोप लगाया गया है कि आजाद समाज पार्टी (ASP) के समर्थकों ने प्रचार वाहन को रोककर उसमें लगे बैनर और होर्डिंग्स को नुकसान पहुंचाया।
प्रचार के दौरान हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, रविवार शाम भाजपा का प्रचार वाहन क्षेत्र में चुनाव प्रचार के लिए निकला था। इसी दौरान उदगंवा गांव के पास कुछ लोगों ने वाहन को रोक लिया। आरोप है कि इसके बाद वाहन पर लगे चुनावी बैनर और होर्डिंग्स फाड़ दिए गए और तोड़फोड़ की गई।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसकी सूचना पुलिस को दी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
भाजपा ने लगाया समर्थकों पर आरोप
भाजपा नेताओं का आरोप है कि यह घटना आजाद समाज पार्टी के समर्थकों द्वारा की गई है। उनका कहना है कि चुनाव प्रचार को प्रभावित करने और माहौल खराब करने के उद्देश्य से इस तरह की हरकत की गई। पार्टी कार्यकर्ताओं ने दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही जिगना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल की जानकारी जुटाई और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि घटना के पीछे कौन लोग शामिल थे।
उपचुनाव को लेकर बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है। चुनावी माहौल के बीच इस तरह की घटना सामने आने से राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। प्रशासन ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी है।
निष्पक्ष चुनाव कराने पर प्रशासन का जोर
चुनाव के दौरान किसी भी तरह की हिंसा या विवाद को रोकने के लिए प्रशासन लगातार सतर्कता बरत रहा है। अधिकारियों ने कहा है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी राजनीतिक दलों और कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव प्रचार करने की अपील की गई है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और तोड़फोड़ की घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की जाती है।

