जबलपुर में यहूदी कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जे का आरोप, भू-माफिया पर उठी निगरानी की मांग
मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में रानीताल श्मशान घाट के पास स्थित यहूदी कब्रिस्तान की जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। आरोप है कि इस ऐतिहासिक कब्रिस्तान की भूमि पर भू-माफिया की नजर है और अवैध कब्जे की कोशिशें की जा रही हैं।
जानकारी के अनुसार, यह कब्रिस्तान करीब 100 साल पहले ब्रिटिश शासनकाल में यहूदी समुदाय के लिए आरक्षित किया गया था। उस समय करीब 5 हजार वर्ग फीट भूमि इस उद्देश्य के लिए आवंटित की गई थी। बताया जाता है कि उस दौर में शहर में यहूदी समुदाय के लगभग 200 परिवार रहते थे।
आजादी के बाद घटा यहूदी समुदाय का अस्तित्व
आजादी के बाद धीरे-धीरे यहूदी परिवारों का शहर से पलायन हो गया, जिसके बाद इस समुदाय की मौजूदगी लगभग समाप्त हो गई। वर्तमान में यह कब्रिस्तान ऐतिहासिक धरोहर के रूप में जाना जाता है।
जमीन पर कब्जे की आशंका
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि अब इस जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिशें हो रही हैं। भू-माफिया द्वारा भूमि के स्वरूप में बदलाव या उपयोग को लेकर प्रयास किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस ऐतिहासिक कब्रिस्तान की जमीन की जांच कराई जाए और किसी भी तरह के अतिक्रमण को रोका जाए। साथ ही इस विरासत स्थल को संरक्षित रखने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की गई है।

