बुरहानपुर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर कार्रवाई: जांच में अमानक और मिथ्याछाप नमूने मिले, एडीएम कोर्ट पहुंचे मामले
बुरहानपुर जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। विभाग की टीमों ने जिले के अलग-अलग खाद्य प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनकी जांच कराई। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद कुछ नमूने अमानक और मिथ्याछाप पाए गए हैं। इन मामलों को अब आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए एडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।
विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले कारोबारियों पर शिकंजा कसना है। खाद्य पदार्थों में मिलावट या निर्धारित मानकों का पालन नहीं होने की शिकायतों के बाद समय-समय पर प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है।
अलग-अलग प्रतिष्ठानों से लिए गए थे सैंपल
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने जिले में अभियान चलाकर विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए थे। इन नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया।
जांच के दौरान कुछ नमूने खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता के निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। रिपोर्ट में कुछ खाद्य पदार्थ अमानक पाए गए, जबकि कुछ उत्पादों को मिथ्याछाप की श्रेणी में रखा गया है।
एडीएम न्यायालय में पेश होंगे मामले
जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित मामलों में विभाग ने कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अमानक और मिथ्याछाप पाए गए खाद्य पदार्थों से जुड़े प्रकरण एडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किए गए हैं।
अब न्यायालय में मामले की सुनवाई के दौरान संबंधित खाद्य प्रतिष्ठानों और कारोबारियों का पक्ष भी सामने आएगा। नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को लेकर सतर्कता
खाद्य विभाग का कहना है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बाजार में बिकने वाले खाद्य उत्पादों की नियमित जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को सुरक्षित और मानक के अनुरूप खाद्य सामग्री मिले।
विशेष रूप से पैकेज्ड खाद्य पदार्थों में लेबल, निर्माण और समाप्ति तिथि, सामग्री और अन्य जरूरी जानकारियों की जांच की जाती है। वहीं खुले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता पर भी नजर रखी जाती है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
विभाग की ओर से जिले में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच और सैंपल लेने की कार्रवाई आगे भी जारी रहने की बात कही गई है। अधिकारियों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बुरहानपुर में अमानक और मिथ्याछाप खाद्य पदार्थों के नमूने सामने आने के बाद अब एडीएम न्यायालय में होने वाली सुनवाई पर नजर रहेगी। विभाग की इस कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में भी गुणवत्ता मानकों का पालन करने को लेकर सख्ती बढ़ने की उम्मीद है।

