कटनी में अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई, दो कॉलोनाइजरों के खिलाफ FIR; बिना अनुमति सड़क और प्लॉट विकसित करने का आरोप
मध्य प्रदेश के कटनी में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच के दौरान बिना जरूरी अनुमति के जमीन पर सड़क बनाने और प्लॉट विकसित करने का मामला सामने आने के बाद दो कॉलोनाइजरों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है। नगर निगम की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
बिना अनुमति विकसित किए जा रहे थे प्लॉट
नगर निगम को शिकायत और जांच के दौरान जानकारी मिली कि संबंधित जमीन पर कॉलोनी विकसित करने का काम नियमों के विपरीत किया जा रहा था। कॉलोनाइजरों की ओर से जरूरी अनुमति और स्वीकृतियां लिए बिना सड़क का निर्माण कराया गया और जमीन को प्लॉट के रूप में विकसित किया जा रहा था।
जांच टीम ने मौके का निरीक्षण कर दस्तावेजों की जानकारी जुटाई। इसके बाद अनियमितता सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
निगम की जांच के बाद FIR
नगर निगम की जांच में यह पाया गया कि कॉलोनी विकसित करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था। इसके बाद नगर निगम अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर दो कॉलोनाइजरों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। अब पुलिस मामले में आगे की जांच करेगी और कॉलोनी विकसित करने से जुड़े दस्तावेजों तथा अनुमति की स्थिति की पड़ताल करेगी।
नियमों की अनदेखी पर सख्ती
अवैध तरीके से कॉलोनी विकसित करने के मामलों में सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को होती है, जो बिना पूरी जानकारी के ऐसे स्थानों पर प्लॉट खरीद लेते हैं। बाद में सड़क, बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ वैध निर्माण की अनुमति को लेकर भी दिक्कतें सामने आ सकती हैं।
इसी को देखते हुए नगर निगम की ओर से अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कॉलोनी विकसित करने से पहले संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति लेना जरूरी है।
प्लॉट खरीदने वालों को भी सावधानी की जरूरत
नगर निगम की कार्रवाई के बाद ऐसे प्लॉट खरीदने वाले लोगों के लिए भी यह मामला चेतावनी है। जमीन खरीदने से पहले कॉलोनी का डायवर्जन, विकास अनुमति, ले-आउट और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच करना जरूरी है।
फिलहाल दो कॉलोनाइजरों के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद पुलिस और नगर निगम की जांच आगे बढ़ेगी। जांच में यदि और अनियमितताएं सामने आती हैं तो मामले में अतिरिक्त कार्रवाई भी की जा सकती है।

