रील बनाकर भीड़ जुटाने का आरोप: 'JCB आ गई, जल्दी मस्जिद पहुंचें' संदेश वायरल, 20 लोगों पर FIR दर्ज
एक धार्मिक स्थल से जुड़े विवाद के मामले में सोशल मीडिया रील के जरिए लोगों को जुटाने और माहौल बिगाड़ने के आरोप में पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने कथित तौर पर रील बनाकर लोगों से मौके पर पहुंचने की अपील की थी। इस मामले में पुलिस ने 20 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और जांच शुरू कर दी है।
पुलिस जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो और संदेश प्रसारित किया गया, जिसमें कथित तौर पर लोगों को एक स्थान पर पहुंचने के लिए कहा गया था। आरोप है कि इस अपील के बाद बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचने लगे। पुलिस अब पूरे मामले में वीडियो, सोशल मीडिया गतिविधियों और शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
सात दिन पहले शुरू हुई थी तैयारी
पुलिस के मुताबिक, मामले की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि भीड़ जुटाने की तैयारी करीब सात दिन पहले से की जा रही थी। सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से संपर्क किया गया और उन्हें एकत्र होने के लिए कहा गया।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरी गतिविधि में कौन-कौन लोग शामिल थे और किस तरह से लोगों को वहां पहुंचने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस ने कुछ संदिग्ध सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को भी जांच में शामिल किया है।
दूसरे शहरों से भी पहुंचे लोग
पुलिस का कहना है कि घटना स्थल पर केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि आसपास के दूसरे शहरों से भी कुछ लोग पहुंचे थे। पुलिस अब उनकी पहचान करने और घटनाक्रम की पूरी जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।
अधिकारियों के अनुसार, किसी भी संवेदनशील स्थान पर बिना अनुमति भीड़ एकत्र करना कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है। इसी को देखते हुए पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
इन्फ्लुएंसर की भूमिका की जांच
मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस यह पता लगा रही है कि वायरल रील किस उद्देश्य से बनाई गई थी और उससे कितने लोगों तक संदेश पहुंचा।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे किन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर संबंधित लोगों से पूछताछ और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अपुष्ट जानकारी या भड़काऊ संदेश को साझा करने से बचें। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

